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एआरटीओ के रिकार्ड रूम तक दलालों की पैठ
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 20 Mar 2015 12:17 AM IST
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उन्नाव। एआरटीओ कार्यालय में दलाल रिकार्ड रूम तक अपनी पैठ बनाए हैं। रिकार्ड रूम के भीतर जाकर मनमाने तरीके से फाइलें निकाल लेते हैं। इसी का नतीजा है कि कार्यालय से कई बार जरूरी फाइलें गायब हो जाती हैं। बाद में वाहन स्वामी को फाइल ढूंढने के नाम पर दौड़ाया जाता है और दलाल मोटी कमाई करते हैं।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों का कब्जा हटने का नाम नहीं ले रहा है। यहां दलाल अपना कार्य तो कराते ही हैं साथ ही अपने कार्य कराने संबंधी फाइलों को ढूंढने के लिए रिकार्ड रूम में भी घुसने में नहीं हिचकते। एक साथ कई दलाल रिकार्ड रूम में घुस जाते हैं और अपनी फाइलें उठा भी ले जाते हैं। यह हकीकत सामने तब आती है जब आवेदक की फाइल कार्यालय में नहीं मिलती है।
गुरुवार को दोपहर एक बजे एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड रूम में दलाल अपनी फाइलें आराम से ढूंढ रहे थे। वहीं चैनल का ताला खुले होने के कारण केबिन में रखी मेज पर दलाल ऐसे बैठे हुए थे जैसे वह सीट उनके नाम एलॉट कर दी गई हो। उच्चाधिकारियों की बात तो दूर कार्यालय में बैठे अधिकारी भी निरीक्षण नहीं करते। इससे दलाल दुस्साहसी हो गए हैं।
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एआरटीओ कार्यालय में दलालों का कब्जा हटने का नाम नहीं ले रहा है। यहां दलाल अपना कार्य तो कराते ही हैं साथ ही अपने कार्य कराने संबंधी फाइलों को ढूंढने के लिए रिकार्ड रूम में भी घुसने में नहीं हिचकते। एक साथ कई दलाल रिकार्ड रूम में घुस जाते हैं और अपनी फाइलें उठा भी ले जाते हैं। यह हकीकत सामने तब आती है जब आवेदक की फाइल कार्यालय में नहीं मिलती है।
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गुरुवार को दोपहर एक बजे एआरटीओ कार्यालय के रिकार्ड रूम में दलाल अपनी फाइलें आराम से ढूंढ रहे थे। वहीं चैनल का ताला खुले होने के कारण केबिन में रखी मेज पर दलाल ऐसे बैठे हुए थे जैसे वह सीट उनके नाम एलॉट कर दी गई हो। उच्चाधिकारियों की बात तो दूर कार्यालय में बैठे अधिकारी भी निरीक्षण नहीं करते। इससे दलाल दुस्साहसी हो गए हैं।
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