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उन्नाव। डीएम ने विकासभवन में संचालित कार्यालयों का मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 10 कार्यालयध्यक्ष अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही भविष्य के लिए चेतावनी दी है कि कार्यालय में समय से उपस्थित हों।
अमर उजाला लगातार सरकारी कार्यालयों में अफसरों की समय से उपस्थिति न होने का मामला प्रमुखता से उठा रहा है। पूर्व में विकास भवन सहित कई अन्य जिलास्तरीय व तहसील, ब्लाक और निकाय कार्यालयों में मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित किए गए सुबह 10 बजे के समय पर अधिकारियों के पहुंचने की लाइव पड़ताल की गई थी। इस दौरान पता चला था कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक समय से कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। जिसका खामियाजा फरियादियों को उठाना पड़ रहा है। डीएम ने अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर पूर्व में अधिकारियों को समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने को पत्र भेजा था।
इसके बाद भी अफसरों ने डीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया। इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हुआ जब जिलाधिकारी सुबह 10:30 बजे अचानक विकासभवन पहुंच गए। डीएम ने एक कार्यालयध्यक्ष के कक्ष में जाकर उपस्थिति जांची तो अधिकांश अधिकारी कुर्सी पर नहीं मिले। अनुपस्थित अधिकारियों में जिला विकास अधिकारी मनीष कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए यशवंत सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी निरीश कुमार साहू, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा, जिला युवा कल्याण अधिकारी अनिल तिवारी, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू दीक्षित, परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह व जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्रा शामिल रहे।
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क्या कहते हैं डीएम
मंगलवार सुबह विकासभवन में संचालित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। जिसमें 10 अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। सभी का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही भविष्य के लिए निर्देशित किया है कि अधिकारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों। यदि दुबारा निरीक्षण में कार्यालयाध्यक्ष समय पर अपनी कुर्सी में नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।
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अमर उजाला लगातार सरकारी कार्यालयों में अफसरों की समय से उपस्थिति न होने का मामला प्रमुखता से उठा रहा है। पूर्व में विकास भवन सहित कई अन्य जिलास्तरीय व तहसील, ब्लाक और निकाय कार्यालयों में मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित किए गए सुबह 10 बजे के समय पर अधिकारियों के पहुंचने की लाइव पड़ताल की गई थी। इस दौरान पता चला था कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक समय से कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। जिसका खामियाजा फरियादियों को उठाना पड़ रहा है। डीएम ने अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेकर पूर्व में अधिकारियों को समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने को पत्र भेजा था।
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इसके बाद भी अफसरों ने डीएम के आदेश को हवा में उड़ा दिया। इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हुआ जब जिलाधिकारी सुबह 10:30 बजे अचानक विकासभवन पहुंच गए। डीएम ने एक कार्यालयध्यक्ष के कक्ष में जाकर उपस्थिति जांची तो अधिकांश अधिकारी कुर्सी पर नहीं मिले। अनुपस्थित अधिकारियों में जिला विकास अधिकारी मनीष कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए यशवंत सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी निरीश कुमार साहू, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा, जिला युवा कल्याण अधिकारी अनिल तिवारी, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू दीक्षित, परियोजना अधिकारी डूडा अरविंद सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह व जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्रा शामिल रहे।
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क्या कहते हैं डीएम
मंगलवार सुबह विकासभवन में संचालित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। जिसमें 10 अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। सभी का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही भविष्य के लिए निर्देशित किया है कि अधिकारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों। यदि दुबारा निरीक्षण में कार्यालयाध्यक्ष समय पर अपनी कुर्सी में नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी।