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प्रसूता की मौत पर डाक्टर को हटाया, नर्स निलंबित
Unnao
Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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शिशु की हालत भी गंभीर, हैलट में भर्ती
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
बांगरमऊ (उन्नाव)। चिकित्सकों और नर्सों की लापरवाही के चलते बीती रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता की मौत हो गई। नवजात शिशु की हालत भी गंभीर है। उसे हैलट अस्पताल, कानपुर रेफर किया गया है। प्रसूता की मौत की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक बदलू खां सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र पहुंचे और परिजनों ने जानकारी ली। उन्होंने लापरवाही पर चिकित्साधीक्षक डा. केके आदिम को जमकर फटकारा। सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से चिकित्साधीक्षक डा. आदिम को हटाने के साथ संबंधित स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया।
परिजनों के अनुसार सुविधा शुल्क अदा न करने पर प्रसव के तुरंत बाद महिला स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जच्चा व बच्चा दोनों को प्रसव केंद्र से बाहर कर दिया गया। उपचार न मिलने के चलते नवजात शिशु की हालत गंभीर है और उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नौबतगंज निवासी मनोज भुर्जी की पत्नी ज्योति के प्रसव पीड़ा होने पर उसे बीते बुधवार की शाम यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र लाया गया था। जहां मौजूद एएनएम द्वारा उससे प्रसव के नाम पर 1400 रुपए सुविधा शुल्क की मांग की गई। लेकिन गरीबी के चलते पति मांगी गई रकम नहीं दे सका और उसने किसी से उधर लेकर महिला स्वास्थ्य कर्मी को 500 रुपए दिए गए। प्रसव होने के बाद बकाया घूस न देने पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसूता व नवजात शिशु को केंद्र से बाहर कर दिया । पति ने चिकित्साधीक्षक सहित अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सकों से पत्नी की जान बचाने की फरियाद की, लेकिन किसी भी को उस पर रहम नहीं आया। अंतत: रक्तस्राव और समुचित इलाज न मिल पाने के चलते करीब एक घंटे बाद ज्योति की मौत हो गई।
करीब दो घंटे के बाद सीएमओ डा. देवेश प्रसाद मिश्र भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ज्योति के पति तथा अन्य तीमारदारों के बयान दर्ज किए और प्रसव केंद्र में मौजूद एएनएम, वार्ड ब्वाय से भी पूछताछ की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से चिकित्साधीक्षक डा. आदिम को हटाने के साथ संबंधित स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया। सीएमओ ने मामले की जांच डा. राजेंद्र प्रसाद, डा. एसपी चौधरी व डा. राजश्री सक्सेना तीन डिप्टी सीएमओ को साैंप दी है। यह जांच दल चौबीस घंटे के अंदर घटना की जांच रिपोर्ट सौंपेगा।
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परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
बांगरमऊ (उन्नाव)। चिकित्सकों और नर्सों की लापरवाही के चलते बीती रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता की मौत हो गई। नवजात शिशु की हालत भी गंभीर है। उसे हैलट अस्पताल, कानपुर रेफर किया गया है। प्रसूता की मौत की जानकारी पर क्षेत्रीय विधायक बदलू खां सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र पहुंचे और परिजनों ने जानकारी ली। उन्होंने लापरवाही पर चिकित्साधीक्षक डा. केके आदिम को जमकर फटकारा। सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से चिकित्साधीक्षक डा. आदिम को हटाने के साथ संबंधित स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया।
परिजनों के अनुसार सुविधा शुल्क अदा न करने पर प्रसव के तुरंत बाद महिला स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जच्चा व बच्चा दोनों को प्रसव केंद्र से बाहर कर दिया गया। उपचार न मिलने के चलते नवजात शिशु की हालत गंभीर है और उसे कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नौबतगंज निवासी मनोज भुर्जी की पत्नी ज्योति के प्रसव पीड़ा होने पर उसे बीते बुधवार की शाम यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र लाया गया था। जहां मौजूद एएनएम द्वारा उससे प्रसव के नाम पर 1400 रुपए सुविधा शुल्क की मांग की गई। लेकिन गरीबी के चलते पति मांगी गई रकम नहीं दे सका और उसने किसी से उधर लेकर महिला स्वास्थ्य कर्मी को 500 रुपए दिए गए। प्रसव होने के बाद बकाया घूस न देने पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसूता व नवजात शिशु को केंद्र से बाहर कर दिया । पति ने चिकित्साधीक्षक सहित अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सकों से पत्नी की जान बचाने की फरियाद की, लेकिन किसी भी को उस पर रहम नहीं आया। अंतत: रक्तस्राव और समुचित इलाज न मिल पाने के चलते करीब एक घंटे बाद ज्योति की मौत हो गई।
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करीब दो घंटे के बाद सीएमओ डा. देवेश प्रसाद मिश्र भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ज्योति के पति तथा अन्य तीमारदारों के बयान दर्ज किए और प्रसव केंद्र में मौजूद एएनएम, वार्ड ब्वाय से भी पूछताछ की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से चिकित्साधीक्षक डा. आदिम को हटाने के साथ संबंधित स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया। सीएमओ ने मामले की जांच डा. राजेंद्र प्रसाद, डा. एसपी चौधरी व डा. राजश्री सक्सेना तीन डिप्टी सीएमओ को साैंप दी है। यह जांच दल चौबीस घंटे के अंदर घटना की जांच रिपोर्ट सौंपेगा।
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