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बांगरमऊ में जगी रोडवेज बस डिपो की उम्मीद
Unnao
Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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बांगरमऊ (उन्नाव)। नगर में रोडवेज बस डिपो की उम्मीद बढ़ गई। एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने परिवहन निगम से बस डिपो के प्रस्ताव और भूमि अधिग्रहण के लिए उन्नाव के जिलाधिकारी को भेजी गई चिट्ठी को तलब किया है। हाईकोर्ट में यह दोनों दस्तावेज रोडवेज को 14 मई को पेश करना है।
बांगरमऊ में रोडवेज डिपो की मांग को लेकर अधिवक्ता फारुख अहमद ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दायर की थी। इसकी सूनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 मई को यह दस्तावेज पेश करने को परिवहन निगम से कहा है। मालूम हो कि बांगरमऊ से विभिन्न रूटों को पचास से अधिक बसें आती-जाती हैं। इसके बावजूद यहां रोडवेज बस डिपो नहीं है। आठ वर्ष पूर्व स्थानीय व्यापारियाें, नौकरीपेशा लोगों ने परिवहन निगम एमडी को ज्ञापन देकर डिपो बनवाने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने डिपो स्थापित करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी थी, लेकिन कुछ दिनों में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस पर वर्ष 2008 में लोगों ने फिर एक ज्ञापन अधिकारियों को दिया। इसके बाद तत्कालीन परिवहन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उन्नाव की सभा में बांगरमऊ में बस डिपो बनाने की घोषणा की थी। यह घोषणा भी हवाई ही साबित हुई। अंतत: इस्माइलपुर आम्बापारा गांव के मूल निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता फारुख अहमद ने इस संबंध में अदालत में जनहित याचिका दायर कर दी। बीते बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ ब्रांच के मुख्य न्यायाधीश सैय्यद रफत आलम और एसएन शुक्ला की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। परिवहन निगम की अधिवक्ता महेशचंद्रा ने अदालत को बताया कि विभाग की ओर से बांगरमऊ में डिपो स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने को जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है। भूमि अर्जन का कार्य प्रगति पर है। डिपो निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। इस तर्क पर अदालत ने 14 मई को डीएम को भेजी गई चिट्ठी और डिपो के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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बांगरमऊ में रोडवेज डिपो की मांग को लेकर अधिवक्ता फारुख अहमद ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दायर की थी। इसकी सूनवाई करते हुए कोर्ट ने 14 मई को यह दस्तावेज पेश करने को परिवहन निगम से कहा है। मालूम हो कि बांगरमऊ से विभिन्न रूटों को पचास से अधिक बसें आती-जाती हैं। इसके बावजूद यहां रोडवेज बस डिपो नहीं है। आठ वर्ष पूर्व स्थानीय व्यापारियाें, नौकरीपेशा लोगों ने परिवहन निगम एमडी को ज्ञापन देकर डिपो बनवाने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने डिपो स्थापित करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी थी, लेकिन कुछ दिनों में मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस पर वर्ष 2008 में लोगों ने फिर एक ज्ञापन अधिकारियों को दिया। इसके बाद तत्कालीन परिवहन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उन्नाव की सभा में बांगरमऊ में बस डिपो बनाने की घोषणा की थी। यह घोषणा भी हवाई ही साबित हुई। अंतत: इस्माइलपुर आम्बापारा गांव के मूल निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता फारुख अहमद ने इस संबंध में अदालत में जनहित याचिका दायर कर दी। बीते बुधवार को हाईकोर्ट की लखनऊ ब्रांच के मुख्य न्यायाधीश सैय्यद रफत आलम और एसएन शुक्ला की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। परिवहन निगम की अधिवक्ता महेशचंद्रा ने अदालत को बताया कि विभाग की ओर से बांगरमऊ में डिपो स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने को जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा चुका है। भूमि अर्जन का कार्य प्रगति पर है। डिपो निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार कर लिया गया है। इस तर्क पर अदालत ने 14 मई को डीएम को भेजी गई चिट्ठी और डिपो के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
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