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सरकारी विभागों पर बिजली का करोड़ों बकाया
Unnao
Updated Thu, 22 Aug 2013 05:34 AM IST
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उन्नाव। सरकारी कार्यालयों पर बिजली विभाग का करोड़ों रुपये बकाया है। इसके बाद भी इनसे वसूली के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई। जबकि ऐसे छोटे बकाएदारों (घरेलू उपभोक्ता) जिन पर 10,000 रुपये से अधिक का बकाया है उनसे वसूली के लिए बिजली विभाग अभियान चलाने जा रहा है। विभाग ने बड़े बकाएदारों से वसूली को तवज्जो न देकर घरेलू उपभोक्ताओं को झटका देने का मन बना लिया है।
बिजली विभाग का बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर 80 लाख, जेल पर 59 लाख, बीएसएनएल पर 45 लाख और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर 40 लाख से ज्यादा का बिल बकाया है। इसके अलावा कई अन्य सरकारी कार्यालय भी हैं जिन पर विभाग की 10 से 15 लाख रुपये की बकाएदारी है। विभागीय सूत्रों की मानेें तो इन कार्यालयों ने सालों ने बिजली बिल का बकाया जमा नहीं किया है। इससे बिल बढ़ता जा रहा है। सालों बाद भी बिजली विभाग इन कार्यालयों का कनेक्शन काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाया है। जानकारों की मानें तो यदि बिजली विभाग इनसे वसूली करे तो करीब 4-5 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो जाएगा। इससे जिलेवासियों को ठीकठाक बिजली मिल सकेगी लेकिन विभाग ने सरकारी कार्यालयों से वसूलने की बजाए छोटे उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, उप्र पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 10,000 रुपये से ऊपर के बकाएदारों पर कड़ाई की जाए। इनसे हर हाल में वसूली की जाए। पैसा न मिलने पर कनेक्शन काट दिया जाए। साथ ही बकाया तहसील के माध्यम से वसूला जाए। निर्देश पर अमल करते हुए अफसरों ने वसूली अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार कर ली है। घरेलू बकाएदारों से सख्ती की जाएगी। पैसा जमा न करने वाले छोटे उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटा जाएगा। इसके बाद तहसील प्रशासन के माध्यम से पहले उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा जाएगा। बाद में आरसी जारी होगी।
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विभागों से भी होगी वसूली
कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया है। सरकारी कार्यालयों पर वसूली की जानकारी नहीं है। इसका पता कराया जाएगा। विभागीय बाबू से सरकारी दफ्तरों के बकाए की सूची तैयार कराई जाएगी। इन्हें विभागों को भेजा जाएगा। हर हाल में लाखों के बकाएदार इन सरकारी विभागों से वसूली की जाएगी।
शारदा प्रसाद, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम।
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बिजली विभाग का बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर 80 लाख, जेल पर 59 लाख, बीएसएनएल पर 45 लाख और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर 40 लाख से ज्यादा का बिल बकाया है। इसके अलावा कई अन्य सरकारी कार्यालय भी हैं जिन पर विभाग की 10 से 15 लाख रुपये की बकाएदारी है। विभागीय सूत्रों की मानेें तो इन कार्यालयों ने सालों ने बिजली बिल का बकाया जमा नहीं किया है। इससे बिल बढ़ता जा रहा है। सालों बाद भी बिजली विभाग इन कार्यालयों का कनेक्शन काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाया है। जानकारों की मानें तो यदि बिजली विभाग इनसे वसूली करे तो करीब 4-5 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो जाएगा। इससे जिलेवासियों को ठीकठाक बिजली मिल सकेगी लेकिन विभाग ने सरकारी कार्यालयों से वसूलने की बजाए छोटे उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक, उप्र पावर कारपोरेशन के चेयरमैन ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 10,000 रुपये से ऊपर के बकाएदारों पर कड़ाई की जाए। इनसे हर हाल में वसूली की जाए। पैसा न मिलने पर कनेक्शन काट दिया जाए। साथ ही बकाया तहसील के माध्यम से वसूला जाए। निर्देश पर अमल करते हुए अफसरों ने वसूली अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार कर ली है। घरेलू बकाएदारों से सख्ती की जाएगी। पैसा जमा न करने वाले छोटे उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटा जाएगा। इसके बाद तहसील प्रशासन के माध्यम से पहले उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा जाएगा। बाद में आरसी जारी होगी।
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विभागों से भी होगी वसूली
कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया है। सरकारी कार्यालयों पर वसूली की जानकारी नहीं है। इसका पता कराया जाएगा। विभागीय बाबू से सरकारी दफ्तरों के बकाए की सूची तैयार कराई जाएगी। इन्हें विभागों को भेजा जाएगा। हर हाल में लाखों के बकाएदार इन सरकारी विभागों से वसूली की जाएगी।
शारदा प्रसाद, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम।