{"_id":"40-107219","slug":"Unnao-107219-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ दर्जन मनरेगा कार्य पांच साल से लटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ दर्जन मनरेगा कार्य पांच साल से लटके
Unnao
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। ब्लाक की उद्साह ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कच्चे कार्य के नाम पर योजना के धन की जमकर बंदरबांट की गई। नाली, खड़ंजा और मिट्टी कार्य शुरू तो करवाए गए लेकिन आज तक पूर्ण नहीं हो सके। इन कामों में लाखों रुपया तो खर्च कर दिया गया लेकिन चार से पांच साल बीतने के बाद भी पूर्ण नहीं हो सके हैं।
ब्लाक की उद्साह ग्राम पंचायत में करीब डेढ़ दर्जन मनरेगा विकास कार्य कई साल से अधूरे पड़े हैं। हालांकि इन विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कुछ में पूरी तो कुछ में आंशिक धनराशि भी जारी कर दी गई। खास बात यह है कि एक आध को छोड़कर सभी विकास कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मनरेगा के धन का बंदरबांट किया है। मुख्य विकास अधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि इन विकास कार्यों की स्थिति और अभी तक क्यों पूर्ण नहीं हो सके इसकी जांच कराएंगे। उचित कारण न होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ब्लाक की उद्साह ग्राम पंचायत में करीब डेढ़ दर्जन मनरेगा विकास कार्य कई साल से अधूरे पड़े हैं। हालांकि इन विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कुछ में पूरी तो कुछ में आंशिक धनराशि भी जारी कर दी गई। खास बात यह है कि एक आध को छोड़कर सभी विकास कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मनरेगा के धन का बंदरबांट किया है। मुख्य विकास अधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि इन विकास कार्यों की स्थिति और अभी तक क्यों पूर्ण नहीं हो सके इसकी जांच कराएंगे। उचित कारण न होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन