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बैंक खाते से 80 हजार गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 28 Jan 2015 12:57 AM IST
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चकलवंशी/उन्नाव। एक किसान के बैंक खाते से तीन बार में 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। शनिवार को किसान 45 हजार रुपये निकालने गया तो खाते में इतनी रकम न होने की जानकारी हुई। बिना निकाले रुपये निकल जाने से परेशान किसान ने बैंक के उच्चाधिकारियों के अलावा डीएम और एसपी से शिकायत की।
मंगलवार को ग्राम प्रधान पति और बीस-पच्चीस ग्रामीणों के साथ पहुंचे किसान ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों ने किसान और ग्राम प्रधान पति के साथ हाथापाई की। बवाल बढ़ने पर रुपये लौटाए। किसान ने माखी थाने में बैंक मैनेजर समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है।
माखी थानाक्षेत्र के हंसाखेड़ा निवासी किसान दूलम का चकलवंशी कसबा स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में खाता है। उसने खाते में 91789 हजार रुपये जमा किए थे। शनिवार को दूलम घर बनवाने के लिए 45 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक गया मगर भुगतान काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने यह कहकर भुगतान करने से इनकार कर दिया कि उसके खाते में करीब 11 हजार रुपये ही हैं।
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जानकारी होने पर किसान ने बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी से मुलाकात की और अपनी समस्या बताई। इसके बाद उसने बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक और डीएम व एसपी से शिकायत की। मंगलवार को ग्राम प्रधान पति प्रबल प्रताप सिंह ग्रामीणों और पीड़ित किसान को लेकर बैंक पहुंचे और कामकाज बंद कराने लगे।
हंगामा होते देख बैंक कर्मियों ने चैनल बंद कर लिया और सायरन बजाकर अलर्ट किया तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी ने प्रधान पति, पीड़ित किसान को बैंक में बुलाकर पड़ताल की तो पता चला कि नवंबर महीने में 15 तारीख को 25 हजार, 19 को 35 हजार और 22 को 20 हजार रुपये खाते से विड्राल फार्म लगाकर निकाले गए हैं।
बैंक मैनेजर ने किसी जालसाज की करतूत बताते हुए इसकी जांच कराने का आश्वासन दिया मगर ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद किसान से पिछली तारीखों के विड्राल फार्म भरवाए और 80 हजार रुपये का भुगतान किया। किसान ने माखी थाने में तहरीर देकर बैंक मैनेजर के अलावा छुन्ना सिंह, अजीत, अभिमन्यु, रिंकू, विकास और जगदीश के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कराई जा रही है जांच, जल्द होगा खुलासा
उन्नाव। बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी का मानना है कि फर्जी तरीके से रुपये निकालने में किसी जालसाज का हाथ है। किसी ने फर्जी तरीके से पासबुक बनवा कर रुपये निकाल लिए। लगातार तीन दिन छुट्टी हो जाने से जांच में देरी हुई।
विड्राल फार्म में हस्ताक्षर और उसका भुगतान करने की संस्तुति करने वाले बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर की जांच कराई जा रही है। जांच का आश्वासन देने के बाद भी उनसे व बैंक कर्मियों से अभद्रता की गई। उन्होंने बताया कि लूटपाट की नौबत बनते देख पुलिस को बुलाना पड़ा।
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मंगलवार को ग्राम प्रधान पति और बीस-पच्चीस ग्रामीणों के साथ पहुंचे किसान ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों ने किसान और ग्राम प्रधान पति के साथ हाथापाई की। बवाल बढ़ने पर रुपये लौटाए। किसान ने माखी थाने में बैंक मैनेजर समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है।
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माखी थानाक्षेत्र के हंसाखेड़ा निवासी किसान दूलम का चकलवंशी कसबा स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में खाता है। उसने खाते में 91789 हजार रुपये जमा किए थे। शनिवार को दूलम घर बनवाने के लिए 45 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक गया मगर भुगतान काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने यह कहकर भुगतान करने से इनकार कर दिया कि उसके खाते में करीब 11 हजार रुपये ही हैं।
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जानकारी होने पर किसान ने बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी से मुलाकात की और अपनी समस्या बताई। इसके बाद उसने बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक और डीएम व एसपी से शिकायत की। मंगलवार को ग्राम प्रधान पति प्रबल प्रताप सिंह ग्रामीणों और पीड़ित किसान को लेकर बैंक पहुंचे और कामकाज बंद कराने लगे।
हंगामा होते देख बैंक कर्मियों ने चैनल बंद कर लिया और सायरन बजाकर अलर्ट किया तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी ने प्रधान पति, पीड़ित किसान को बैंक में बुलाकर पड़ताल की तो पता चला कि नवंबर महीने में 15 तारीख को 25 हजार, 19 को 35 हजार और 22 को 20 हजार रुपये खाते से विड्राल फार्म लगाकर निकाले गए हैं।
बैंक मैनेजर ने किसी जालसाज की करतूत बताते हुए इसकी जांच कराने का आश्वासन दिया मगर ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद किसान से पिछली तारीखों के विड्राल फार्म भरवाए और 80 हजार रुपये का भुगतान किया। किसान ने माखी थाने में तहरीर देकर बैंक मैनेजर के अलावा छुन्ना सिंह, अजीत, अभिमन्यु, रिंकू, विकास और जगदीश के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कराई जा रही है जांच, जल्द होगा खुलासा
उन्नाव। बैंक मैनेजर एमएस सिद्दीकी का मानना है कि फर्जी तरीके से रुपये निकालने में किसी जालसाज का हाथ है। किसी ने फर्जी तरीके से पासबुक बनवा कर रुपये निकाल लिए। लगातार तीन दिन छुट्टी हो जाने से जांच में देरी हुई।
विड्राल फार्म में हस्ताक्षर और उसका भुगतान करने की संस्तुति करने वाले बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर की जांच कराई जा रही है। जांच का आश्वासन देने के बाद भी उनसे व बैंक कर्मियों से अभद्रता की गई। उन्होंने बताया कि लूटपाट की नौबत बनते देख पुलिस को बुलाना पड़ा।