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4.41 लाख किसानों को मिलेगा सम्मान निधि का लाभ
Sun, 02 Jun 2019 12:28 AM IST
संतोष भदौरिया
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Published by: संतोष भदौरिया
Updated Sun, 02 Jun 2019 12:28 AM IST
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सदर तहसील में आयोजित बैठक में जानकारी देते उपकृषि निदेशक
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के लगभग साढ़े चार लाख किसान पीएम किसान का लाभ पाएंगे। मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ा दिया। जिसके बाद जिले के लगभग सभी किसान योजना के दायरे में आ गए हैं।
इसी साल 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में मोदी सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत 2 हेक्टेअर यानी अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाने हैं। हर चार माह में 2 हजार रुपये की किश्त किसान के खाते में भेजी जानी थी।
पहले चरण में 1.64 लाख किसानों के खातों में 24 फरवरी को पहली किश्त के रुप में 2 हजार रुपये पहुंचाए गए थे। इसके बाद चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले तक फीड किए जा चुके 89404 किसानों के खातों में मार्च के दूसरे सप्ताह में पहली किश्त भेजने की कवायद शुरू की गई थी। कृषि विभाग के मुताबिक, 253404 किसानों के खातों में पहली और दूसरी किश्त भेजी जा चुकी थी। फिर चुनाव आ गए। जिससे शेष किसानों को लाभ नहीं दिया जा सका था। चुनाव के बाद मोदी सरकार ने फिर से पूर्ण बहुमत से केंद्र में वापसी की। शुक्रवार को पहली कैबिनेट बैठक में पीएम किसान का दायरा बढ़ाकर हर किसान को योजना में शामिल करने की घोषणा की गई। वैसे जिले में कुल किसानों की संख्या 441151 है। ऐसे में इन सभी को योजना का लाभ मिलने की संभावना जताई जाने लगी है। उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि केंद्र सरकार ने सभी छोटे और बड़े किसानों को योजना में शामिल करने का आदेश दिया है। हालांकि सरकारी नौकरी में चतुर्थ श्रेणी से ऊपर के कर्मचारी और आयकरदाताओं को योजना से बाहर रखा गया है। सत्यापन के बाद कुल किसानों की संख्या सामने आएगी।
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गांवों में जाएंगे लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अवशेष रह गए किसानों का चिह्नांकन करने के लिए सभी गांवों में लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारी जाएंगे। उपकृषि निदेशक ने बताया कि किसान बैंक खाता, पासबुक, आधारकार्ड की फोटोप्रति और घोषणापत्र लेखपाल के पास जमा कर दें। लेखपाल के न मिलने पर किसान तहसील के साथ-साथ राजकीय कृषि बीज भंडार पर जाकर अभिलेख जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग कर्मचारियों ने सभी तहसीलों में बैठक करके किसानों को जानकारी दी गई।
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इसी साल 1 फरवरी को पेश किए गए बजट में मोदी सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत 2 हेक्टेअर यानी अधिकतम आठ बीघे खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाने हैं। हर चार माह में 2 हजार रुपये की किश्त किसान के खाते में भेजी जानी थी।
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पहले चरण में 1.64 लाख किसानों के खातों में 24 फरवरी को पहली किश्त के रुप में 2 हजार रुपये पहुंचाए गए थे। इसके बाद चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले तक फीड किए जा चुके 89404 किसानों के खातों में मार्च के दूसरे सप्ताह में पहली किश्त भेजने की कवायद शुरू की गई थी। कृषि विभाग के मुताबिक, 253404 किसानों के खातों में पहली और दूसरी किश्त भेजी जा चुकी थी। फिर चुनाव आ गए। जिससे शेष किसानों को लाभ नहीं दिया जा सका था। चुनाव के बाद मोदी सरकार ने फिर से पूर्ण बहुमत से केंद्र में वापसी की। शुक्रवार को पहली कैबिनेट बैठक में पीएम किसान का दायरा बढ़ाकर हर किसान को योजना में शामिल करने की घोषणा की गई। वैसे जिले में कुल किसानों की संख्या 441151 है। ऐसे में इन सभी को योजना का लाभ मिलने की संभावना जताई जाने लगी है। उपकृषि निदेशक डा. नंदकिशोर ने बताया कि केंद्र सरकार ने सभी छोटे और बड़े किसानों को योजना में शामिल करने का आदेश दिया है। हालांकि सरकारी नौकरी में चतुर्थ श्रेणी से ऊपर के कर्मचारी और आयकरदाताओं को योजना से बाहर रखा गया है। सत्यापन के बाद कुल किसानों की संख्या सामने आएगी।
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गांवों में जाएंगे लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अवशेष रह गए किसानों का चिह्नांकन करने के लिए सभी गांवों में लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारी जाएंगे। उपकृषि निदेशक ने बताया कि किसान बैंक खाता, पासबुक, आधारकार्ड की फोटोप्रति और घोषणापत्र लेखपाल के पास जमा कर दें। लेखपाल के न मिलने पर किसान तहसील के साथ-साथ राजकीय कृषि बीज भंडार पर जाकर अभिलेख जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग कर्मचारियों ने सभी तहसीलों में बैठक करके किसानों को जानकारी दी गई।