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नेटवर्क में उलझा गरीबों का खाद्यान्न

Kanpur Bureau Updated Sun, 09 Dec 2018 12:13 AM IST
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उन्नाव। गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए शुरू की गई ई-पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेलिंग) मशीन की व्यवस्था बवाल-ए-जान बन गई है।
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ग्रामीण क्षेत्र के कार्डधारकों को राशन पाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नेटवर्क व अन्य समस्याओं के चलते कार्डधारकों का पूरा दिन कोटे की दुकान पर ही बीत रहा है। शाम तक राशन न मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

जिले में ग्रामीण और नगरीय इलाकों में कुल 1231 कोटे की दुकानें हैं। इनमें नगरीय क्षेत्र में 183 और ग्रामीण इलाकों में 1048 दुकानों के माध्यम से लगभग 5 लाख लोगों को शासन द्वारा सस्ती दर पर गेहूं, चावल व केरोसिन उपलब्ध कराया जा रहा है।

हालांकि अधिकांश दुकानों पर भारी संख्या में अपात्रों के कार्ड अटैच होने से कोटेदार खाद्यान्न की कालाबाजारी करते हैं।

इस पर अंकुश लगाने के लिए पहले चरण में नगरीय क्षेत्र और दूसरे चरण में ग्रामीण कोटे की दुकानों पर ई-पीओएस मशीनें लगाई गईं हैं। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की बड़ी समस्या बनी हुई है।

सफीपुर संवाददाता के अनुसार, तीन दिन तक कई वितरक गांव में घूम-घूम कर नेटवर्क की तलाश करते रहे। शनिवार सुबह देवगनमऊ का कोटेदार गांव के बाहर दो किलोमीटर दूर फ ाजिलपुर रोड पहुंचा।

वहां जब नेटवर्क मिला तब ई-पीओएस मशीन से राशन वितरण शुरू हुआ। कार्डधारकों में बच्चूलाल कुरील, मलखे पासी, अभय कुमार व मोनू राठौर ने बताया कि तीन दिन से राशन वितरण केंद्र पर सुबह से शाम तक सर्वर आने के इंतजार में बैठे रहे।

मिर्जापुर के वितरक को नेटवर्क गांव के बाहर बने पंचायत घर के ऊपर मिल पाया। यही स्थिति ग्राम फाजिलपुर व खाखरमऊ आदि गांवों में देखने को मिला। पूर्ति निरीक्षक चंदा गुप्ता ने बताया कि मशीन एक्सपर्ट से बात की गई है। जल्द समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।

सोनिक प्रतिनिधि के अनुसार, सदर तहसील के गांव मैता में शनिवार को राशन लेने पहुंचे कार्डधारकों में रामसुमेर, खेदाना, सोनेलाल, रामबाबू व सीमा आदि ने बताया कि मशीन में उंगलियों के निशान न मिलने से राशन नहीं मिल सका। कोटेदार प्रेम ने बताया कि नेटवर्क के न आने से उंगलियों का निशान मिलान नहीं हो पाया है।

अंगूठा मशीन में मैच होने पर ही मिलेगा राशन
हर कोटेदार को ई-पीओएस मशीन दी गई है। आदेश दिए गए हैं कि राशन लेने आने वाले कार्डधारक का अंगूठा मशीन में रखकर निशान मैच कराएं। निशान मैच कर गया तो ही उसे खाद्यान्न देने का आदेश है। आधारकार्ड का डाटा ई-पीओएस मशीन में लोड है। जानकारों की मानें तो मशीन में एक सिम लगाया गया है। जिससे नेटवर्क आने पर ही अंगूठा मैच कराया जाएगा।

चेंज कराया जाएगा सिम
अभी यह व्यवस्था ट्रायल पर चलाई जा रही है। नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए सिम चेंज कराया जाएगा। वहीं अन्य समस्याओं को भी दूर करके राशन वितरण दुरुस्त कराया जाएगा। -रामेश्वर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी उन्नाव।

कोटेदारों को दी गई ई-पीओएस मशीनें कार्डधारकों के लिए बनी बवाल-ए-जान
कहीं नेटवर्क तो कहीं कार्डधारकों की उंगलियों का मिलान न होना बना मुसीबत
अमर उजाला ब्यूरो

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