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जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का पांच लाख का बीमा
Updated Wed, 23 May 2018 08:13 AM IST
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जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का पांच लाख का बीमा
- हादसा होने पर पीड़ित परिवारों को मिलेंगे पांच लाख
- फर्म पार्टनर को भी मिलेगा बीमा योजना का लाभ
- जिले में सात हजार से अधिक व्यापारी हैं पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को दुर्घटना पर विभाग ने पांच लाख रुपये की बीमा योजना का सुरक्षा कवर दिया है। विभाग बीमा लाभ के एवज में व्यापारियों से किसी भी तरह का भुगतान नहीं वसूलेगा। व्यापारी के आश्रितों के अलावा फर्म पार्टनर को भी बीमा योजना का लाभ मिलेगा। विभाग ने व्यापारियों के साथ दोस्ताना माहौल तैयार करने के लिए यह कदम उठाया है।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) में पंजीकृत व्यापारियों की दुर्घटना के फलस्वरूप मौत, हत्या या फिर पूर्ण या आंशिक नि:शक्त होने पर जीएसटी विभाग आर्थिक मददगार बनेगा। उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को मुख्यमंत्री बीमा योजना का लाभ देगा। इस योजना के तहत फर्म के मालिक, पार्टनर व कंपनी होने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी पांच लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इस सुविधा का लाभ संयुक्त हिंदू परिवार के मुख्य कर्ता को भी मान्य होगी। वहीं बीमा लाभ के लिए व्यापारी को किसी भी तरह का भुगतान नहीं देना होगा। हादसे के शिकार व्यापारी को वाणिज्य कर विभाग पंजीकरण प्रमाण पत्र देने के बाद दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. की ओर से मृतक आश्रित परिवार को बीमा धनराशि दी जाएगी। पात्रता के लिए व्यापारी को विभाग के नियम व शर्तों का पालन करना होगा।
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योजना लाभ के लिए पात्रता
-पंजीकृत व्यापारी की विधिक विवाहिता को मिलेगा लाभ।
- पति/पत्नी के जीवित न होने पर कोर्ट से घोषित उत्तराधिकारी मान्य होगा।
- अविवाहित व्यापारी के पिता या मां या कोर्ट से घोषित उत्तराधिकारी मान्य होगा।
- पूर्ण एवं आंशिक नि:शक्तता पर संबंधित व्यापारी को ही लाभ दिया जाएगा।
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वरदान से कम नहीं: जीएसटी डिप्टी कमिश्नर
जीएसटी डिप्टी कमिश्रनर बीडी शुक्ला ने बताया कि वैट लागू होने पर व्यापारियों को बीमा कवर का लाभ सुनिश्चित था। जीएसटी में मुख्यमंत्री बीमा योजना का प्रावधान है या नहीं, इस बारे में शासनादेश देखने के बाद बता सकूंगा। अगर योजना लागू है तो निश्चित तौर पर छोटे व्यापारियों के लिए वरदान से कम नहीं है।
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- हादसा होने पर पीड़ित परिवारों को मिलेंगे पांच लाख
- फर्म पार्टनर को भी मिलेगा बीमा योजना का लाभ
- जिले में सात हजार से अधिक व्यापारी हैं पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को दुर्घटना पर विभाग ने पांच लाख रुपये की बीमा योजना का सुरक्षा कवर दिया है। विभाग बीमा लाभ के एवज में व्यापारियों से किसी भी तरह का भुगतान नहीं वसूलेगा। व्यापारी के आश्रितों के अलावा फर्म पार्टनर को भी बीमा योजना का लाभ मिलेगा। विभाग ने व्यापारियों के साथ दोस्ताना माहौल तैयार करने के लिए यह कदम उठाया है।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) में पंजीकृत व्यापारियों की दुर्घटना के फलस्वरूप मौत, हत्या या फिर पूर्ण या आंशिक नि:शक्त होने पर जीएसटी विभाग आर्थिक मददगार बनेगा। उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को मुख्यमंत्री बीमा योजना का लाभ देगा। इस योजना के तहत फर्म के मालिक, पार्टनर व कंपनी होने पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी पांच लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इस सुविधा का लाभ संयुक्त हिंदू परिवार के मुख्य कर्ता को भी मान्य होगी। वहीं बीमा लाभ के लिए व्यापारी को किसी भी तरह का भुगतान नहीं देना होगा। हादसे के शिकार व्यापारी को वाणिज्य कर विभाग पंजीकरण प्रमाण पत्र देने के बाद दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. की ओर से मृतक आश्रित परिवार को बीमा धनराशि दी जाएगी। पात्रता के लिए व्यापारी को विभाग के नियम व शर्तों का पालन करना होगा।
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योजना लाभ के लिए पात्रता
-पंजीकृत व्यापारी की विधिक विवाहिता को मिलेगा लाभ।
- पति/पत्नी के जीवित न होने पर कोर्ट से घोषित उत्तराधिकारी मान्य होगा।
- अविवाहित व्यापारी के पिता या मां या कोर्ट से घोषित उत्तराधिकारी मान्य होगा।
- पूर्ण एवं आंशिक नि:शक्तता पर संबंधित व्यापारी को ही लाभ दिया जाएगा।
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वरदान से कम नहीं: जीएसटी डिप्टी कमिश्नर
जीएसटी डिप्टी कमिश्रनर बीडी शुक्ला ने बताया कि वैट लागू होने पर व्यापारियों को बीमा कवर का लाभ सुनिश्चित था। जीएसटी में मुख्यमंत्री बीमा योजना का प्रावधान है या नहीं, इस बारे में शासनादेश देखने के बाद बता सकूंगा। अगर योजना लागू है तो निश्चित तौर पर छोटे व्यापारियों के लिए वरदान से कम नहीं है।
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