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सीबीआई के रडार पर मौरंग सप्लायर व खनन कारोबारी

Mon, 21 Aug 2017 12:03 AM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:03 AM IST
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सीबीआई के रडार पर मौरंग सप्लायर व खनन कारोबारी
उन्नाव। हमीरपुर में अवैध मौरंग खनन में हुए करोड़ों के खेल के मामले में सीबीआई जांच कर रही है। तीन मई को सीबीआई ने अवैध खनन के हिस्सेदार रहे कानपुर के कई ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ की थी।
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शनिवार को एक बार फिर कानपुर के नामचीन खनन कारोबारियों के बैंक खाते व संपत्तियों का ब्योरा जुटाने के साथ ही सीबीआई ने उन्नाव के मौरंग कारोबारियों को भी रडार पर लिया है। संदिग्ध कारोबारियों के बैंक खातों के साथ ही संपत्ति भी जांच के दायरे में है। इसकी भनक से कारोबारियों में हड़कंप है।
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जिले के मौरंग कारोबारियों ने अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों की इंट्री का खेल कर करोड़ों की अवैध कमाई पूर्व की सरकार में की है। भाजपा सरकार बनने पर सीबीआई ने खनन के सिंडिकेट को शिकंजे में लेने के बाद हमीरपुर, कबरई से मौरंग व गिट्टी सप्लाई करने वाले कानपुर के अलावा उन्नाव के कारोबारियों को भी निशाने पर लिया है। शनिवार को सीबीआई टीम ने खनन कारोबार से जुड़े चेहरों के खिलाफ सघन जांच शुरू की है।
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सूत्रों के मुताबिक कानपुर के ट्रांसपोर्टरों ने पूछताछ में शहर के कुछ बड़े मौरंग कारोबारियों व खनन माफियाओं के नाम खोले हैं। टीम ने आला बैंक अफसरों व आयकर विभाग की मदद से कारोबारियों के बैंक अकाउंट के लेनदेन व संपत्ति का विवरण जुटाने की कार्रवाई को हरी झंडी दी है। साथ ही नवाबगंज टोल प्लाजा से बीते महीनों में ओवरलोड वाहनों का ब्योरा तलब किया है। कार्रवाई से निशाने पर आ रहे कारोबारियों में अफरा तफरी है।

हर माह 25-30 लाख रुपये की वसूली
ओवरलोडिंग को रफ्तार देने के लिए इंट्री का खेल जिले की सीमा में भी खूब खेला जाता रहा है। इसकी मानीटरिंग का रिमोट एआरटीओ कार्यालय के पास रहा है। इसके अलावा वसूली की जिम्मेदारी में दो ट्रांसपोर्टर के अलावा एआरटीओ के कुछ दलालों पर विश्वास जताया गया है।


खेल में हिस्सेदारी रखने वाले चेहरे ट्रकों व डंपरों को जिले की सीमा पार कराने की एवज में हर माह प्रति वाहन पांच से सात हजार रुपये वसूलते रहे हैं। हाईवे पर दौड़ने वाले करीब 500 वाहनों से यह वसूली की जाती रही। इससे करीब हर माह 25 से 30 लाख रुपये की काली कमाई होती रही है।

- कानपुर के बाद अब उन्नाव से जुड़ रहे ‘खेल’ के तार
- सीबीआई जांच का पहरा होते ही जिम्मेदारों में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
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