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'मुलायम ने धोखा दिया तो दूसरा रास्ता देखेंगे मुसलमान'
देवबंद/ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2013 09:15 AM IST
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चार साल पहले कल्याण सिंह को सपा में शामिल कर मुसलमानों की नाराजगी झेल चुके सपा मुखिया को भाजपा से दूरियां घटाने वाला बयान मुश्किल में डाल सकता है। मुलायम सिंह यादव के बयान से खफा उलेमाओं ने कहा है कि मुलायम ने धोखा देने की कोशिश की तो मुसलमानों को अलग रास्ता इख्तियार करना पड़ेगा।
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2009 के लोकसभा चुनाव में कल्याण सिंह को सपा में शामिल कर मुलायम को मुसलमानों की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। 2012 में मुसलमानों के बलबूते ही समाजवादी पार्टी प्रदेश में सरकार बना सकी। अब मुलायम सिंह यादव के भाजपा से दोस्ती वाले बयान से देवबंदी उलेमा एक बार फिर से खफा नजर आ रहे हैं।
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मौलाना नदीमुलवाजदी ने मुलायम के बयान पर कहा कि अगर भाजपा का नजरिया बदल जाए तो क्या मुलायम सिंह नरेंद्र मोदी को माफ कर देंगे? अयोध्या में दोबारा बाबरी मस्जिद बन जाएगी?
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दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि भाजपा आरएसएस की शाख है और यदि मुलायम सिंह सियासी लाभ के लिए यह कदम उठाएंगे तो मुसलमानों को अलग रास्ता इख्तियार करना पड़ेगा।
मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के मुफ्ती अरशद फारुखी ने कहा कि यह सियासी लाभ उठाने वाला मामला है, क्योंकि मुलायम सिंह की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है।
दारुल उलूम फारुखिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी ने कहा कि यदि कोई पार्टी ईमानदारी से नजरिया बदले तो हाथ मिलाने में कोई गुरेज नहीं है क्योंकि हर व्यक्ति का अपना अलग नजरिया होता है।
गौरतलब है कि मुलायम ने बुधवार को संसद में दो टूक कहा था कि अगर भाजपा कश्मीर और मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर विचारधारा बदल दे तो उससे दोस्ती करने में गुरेज नहीं होगा।
उन्होंने कहा था कि कई अहम मसलों पर भाजपा का नजरिया ‘समाजवादी’ जैसा है। सिर्फ मुसलमानों के प्रति भाजपा का नजरिया ही दोनों दलों के बीच दूरी का कारण है। भाजपा इसे बदलती है तो सियासी दूरियां कम हो सकती हैं।
लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के प्रस्ताव पर चर्चा में बोलते हुए मुलायम ने कहा था उनकी पार्टी मजबूरी में कांग्रेस को समर्थन दे रही है। कश्मीर, मंदिर-मस्जिद और मुसलमानों के प्रति सोच एवं विचारधारा में भाजपा बदले तो सपा एक कदम आगे बढ़कर हाथ मिलाने में संकोच नहीं करेगी।