फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   three year old girl raped in ghaziabad

गाजियाबाद में तीन साल की बच्ची से दरिंदगी

Sun, 17 Feb 2013 11:44 PM IST
गाजियाबाद/ब्यूरो
गाजियाबाद/ब्यूरो Updated Sun, 17 Feb 2013 11:44 PM IST
विज्ञापन
three year old girl raped in ghaziabad

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के विजयनगर में रविवार शाम तीन साल की मासूम बच्ची के साथ एक ‘हैवान’ ने दरिंदगी की। लहूलुहान बच्ची को सरकारी महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, गंभीर हालत देखते हुए उसे जीटीबी रेफर किया गया है। आरोपी पड़ोसी युवक को लोगों ने दबोचा और जमकर धुना। बाद में उसे विजयनगर थाना पुलिस को सौंप दिया।

विज्ञापन


एसएचओ राजेश द्विवेदी ने बताया कि हैवानियत की शिकार बच्ची घर में अकेली थी, उसकी मां पड़ोसी के बच्चे की छठी के कार्यक्रम में गई थी। तभी आरोपी पड़ोसी राजीव (24) बच्ची को अपने घर ले गया और उससे दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद बच्ची की मां घर आई और बच्ची न मिलने पर उसे सामने वाले मकान में देखने पहुंची। वहां बच्ची को लहूलुहान देखकर उसकी चीख निकल गई।
विज्ञापन


आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोग जमा हो गए। राजीव को लोगों ने दबोच लिया और उसकी जमकर धुनाई कर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों में घटना को लेकर खासा रोष है। थानेदार ने बताया कि राजीव आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और एक फैक्ट्री में काम करता है। वह किराए पर रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहनावा नहीं, गंदी सोच जिम्मेदार
रेप की घटनाओं के बाद लड़कियों के पहनावे को जिम्मेदार ठहराने वालों के लिए ये वहशीयाना वारदातें नजीर हैं। दरअसल, मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म और यौन शोषण की घटना में पहनावा नहीं बल्कि गंदी सोच जिम्मेदार है। अगर ऐसा नहीं होता तो मासूम बच्चियां हवस का शिकार न बनतीं।

समाजशास्त्री डॉ. एके जैन का कहना है कि बच्चों के साथ घट रही ऐसी घटनाओं का कारण ड्रेस नहीं, बल्कि लोगों का दिमाग है। दिमाग की कुत्सित भावनाओं का प्रभाव ऐसी घटनाओं के रूप में दिखता है। सामान्य व्यक्ति ऐसा करने के बारे में सोच नहीं सकता। फिल्में, टीवी सीरियल ऐसी घटनाओं को प्रोमोट करते हैं। जो लोग पहनावे को ऐसी घटनाओं का कारण बताते हैं, वो गलत हैं।


मनोचिकित्सक डॉ. चंद्रा के अनुसार इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाले लोग ‘एंटी सोशल पर्सनैलिटी’ वाले होते हैं। ऐसे लोगों के विषय में उनका कहना है कि जो दूसरों को पीड़ा देकर अपने तत्काल सुख की प्राप्ति करना चाहते हैं।

क्यों होते हैं बच्चे शिकार

1. बच्चे विरोध करने में नाकाम रहते हैं।
2. उन्हें यौन संबंधों की जानकारियां नहीं होती।
3. लोगों को पीड़ा देकर इच्छा की पूर्ति करने वालों में इजाफा।

कैसे बचाएं अपने बच्चों को वारदातों से

1. बच्चे आस-पड़ोस में जाएं तो परिजन साथ हों।
2. ‘एंटी सोशल पर्सनैलिटी’ वाले लोगों के प्रति सतर्क रहें।
3. अनजान लोगों से बच्चों को दूर रखें।

कब-कब हुई दरिंदगी
10 जनवरी 13- सुभाषनगर में छह साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या
26 नवंबर 12- वसुंधरा में स्कूल बस में बच्ची से छेड़छाड़
7 सितंबर 12- वसुंधरा के एक स्कूल में बच्ची का यौन शोषण
31 जुलाई 12- डासना में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म
17 मई- नंदग्राम में पांच साल की बच्ची से रेप
13 अप्रैल- सिहानी गेट में बच्ची के साथ गैंगरेप
14 अप्रैल- साहिबाबाद में छह साल की बच्ची से रेप का प्रयास
16 अप्रैल- विजयनगर में बच्ची से बलात्कार का प्रयास

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed