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लोकसभा भेदने के लिए अखिलेश छोड़ेंगे 3 सरकारी 'तीर'
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2013 01:19 AM IST
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लोकसभा चुनाव कब होंगे अभी इसकी अटकलें ही लग रही हैं लेकिन उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार आने वाले दिनों में चुनावी समीकरण के लिहाज से फायदेमंद कई अहम फैसले करने वाली है।
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इसका फायदा सूबे में बड़ी तादाद में मौजूद दैनिक, संविदा व मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारी पा सकते हैं तो रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने का इंतजार कर रहे स्वायत्तशासी कर्मचारी भी। सरकार पूर्वांचल व अवध में तीन तहसीलें भी बनाने पर विचार कर रही है।
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इस पर भी फैसले आने वाले दिनों में हो सकते हैं।
तैयारी एक : रिटायर होने वालों को तोहफा
प्रदेश की जिन स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु अभी 58 वर्ष ही है, उन्हें जल्द ही 60 वर्ष पर रिटायरमेंट का तोहफा दिया जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार प्रदेश की कईस्वायत्तशासी संस्थाओं में कर्मियों की रिटायरमेंट आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष पहले ही की जा चुकी है लेकिन अभी भी तमाम संस्थाएं ऐसी हैं जहां यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है।
ऐसी संस्थाओं के कर्मचारी भी रिटायरमेंट 60 वर्ष में करने की मांग कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग ने स्वायत्तशासी संस्थाओं (हिंदी संस्थान, उर्दू संस्थान, मंडी परिषद आदि) के कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने संबंधी सामान्य दिशानिर्देश व शर्तें तैयार कर कैबिनेट को भेजने की तैयारी पूरी कर ली है।
शर्तों में संस्थाओं में अनुपयोगी पदों को समाप्त करने और उम्र बढ़ाने पर आने वाले व्यय भार को लेकर वित्त विभाग की वित्तीय सहमति हासिल करनी जैसी बातें शामिल हैं। इस प्रस्ताव पर मुहर लगी तो करीब 60 हजार कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
तैयारी दो : तीन नई तहसीलें
सरकार चुनावी समीकरण के लिहाज से प्रदेश में तीन नई तहसीलें बनाने के प्रस्ताव पर भी जल्द ही फैसला कर सकती हैं। संबंधित क्षेत्र से जुड़े सपा प्रत्याशी सीधे इसकी पैरवी कर रहे हैं।
राजस्व विभाग वाराणसी जिले में राजातालाब, सीतापुर में महोली और लखीमपुर खीरी में मितौली नाम से तीन तहसीलें बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इनके प्रस्ताव कैबिनेट को निर्णय के लिए भेजने की कार्यवाही चल रही है।
एक सीट से प्रदेश के एक राज्यमंत्री प्रत्याशी हैं। बाकी दो तहसील क्षेत्र एक अन्य लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है जहां से सपा के एक युवा नेता चुनाव लड़ रहे हैं। मौजूदा अखिलेश यादव सरकार इसके पहले चित्रकूट, श्रावस्ती और मैनपुरी में भी एक-एक नई तहसीलें बना चुकी है।
मुख्यमंत्री चित्रकूट में एक अन्य तहसील भी स्थापित करने की घोषणा क र चुके हैं। हालांकि चित्रकूट की प्रस्तावित तहसील केलिए मानक आंड़े आने की बात सामने आ रही है।
तैयारी तीन: रिजवी वेतन समिति की सिफारिशें
प्रदेश के लगभग सभी विभागों में बड़ी तादाद में संविदा पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसमें अन्य विभागों के अलावा शिक्षा व शिक्षणेत्तर कर्मियों वाले विभाग भी शामिल हैं।
कुछ विभाग जहां अपने संविदा कर्मियों को केवल एक फिक्स मानदेय दे रहे हैं, वहीं कुछ मूल वेतन व मकान किराया भत्ता भी। कहीं महंगाई भत्ता दिया जा रहा है तो किसी को एक भी दिन की छुटटी पर मानदेय कट जाता है।
लाखों की संख्या में ऐसे कर्मी अर्से से सेवा नियमावली बनाने की मांग कर रहे थे। रिजवी वेतन समिति इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है। सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग ने रिजवी वेतन समिति की सिफारिशों के आलोक में नियमावली तैयार कर ली है।
इसमें शैक्षिक अर्हता पूरी कर रहे और नियमित रूप से एक निश्चित सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को नियमित करने के साथ ही उनके अवकाश, भत्ते और अन्य सेवा शर्तों की विस्तृत सिफारिश की गई है।