सपा नेता के होटल में रुके थे आतंकी
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इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने आगरा के बालूगंज में सपा नेता के होटल ख्वाजा गरीब नवाज को ठिकाना बनाया था। दोनों दो पिट्ठू बैग भी अपने साथ लाए थे। खुफिया सूत्रों ने बताया कि बरकत और शाकिब अंसारी पहले दिन भीड़भाड़ वाले बाजारों में घूमे थे।
अगले दिन ताज के साथ आगरा किला की रेकी भी की थी। राजस्थान एटीएस की टीम ने भी दो दिन तक आगरा में रहकर आतंकियों के आगरा प्रवास के बारे में जानकारी जुटाई थी।
बताते चलें कि दिल्ली में दबोचे गए जोधपुर निवासी इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी बरकत और शाकिब अंसारी ने आगरा में भी बम धमाके करने की साजिश का खुलासा किया था। तभी से सुरक्षा एजेंसियां दोनों आतंकियों के आगरा में बनाए ठिकाने को तलाश कर रही थीं। राजस्थान एटीएस की टीम ने दो दिन तक आगरा में बालूगंज स्थित सपा नेता के होटल ख्वाजा गरीब नवाज में पूछताछ और रिकार्ड चेक किया था।
आतंकियों ने की थीं आगरा में रेकी
सूत्रों का कहना है कि होटल में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण उन्होंने इस होटल को चुना था। दोनों आतंकी सात मार्च की शाम को दो बैग लेकर होटल में ठहरने आए थे। बरकत के वोटर आईडी के आधार पर साढ़े छह सौ रुपये में कमरा लिया था। होटल लौटकर खाना भी खाया था। चेक आउट के वक्त 1,250 रुपये का बिल चुकता किया था।
सीओ एलआईयू ने बताया कि बरकत अपने साथी के साथ होटल में रूम नंबर 205 में सामान रखने के बाद चला गया। दोनों रात तकरीबन नौ बजे होटल लौटे थे। दोनों आतंकियों ने सदर बाजार, संजय प्लेस और राजा मंडी के इलाकों में भ्रमण किया। यहां आतंकी भीड़भाड़ वाले सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे होंगे, ताकि धमाके किए जा सकें। बताते हैं कि आठ मार्च को दोनों आतंकियों ने दिनभर आगरा घूमा।
उन्होंने ताज के अलावा आगरा किले और एत्माद्दौला में रेकी की। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आगरा किले में रेकी की बात से सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए थे। रक्षा एजेंसियों ने होटल से आतंकियों के ठहरने का विवरण जुटाने के बाद सीसीटीवी कैमरे आदि लगवाने के निर्देश दिए हैं।
तहसीन ने कहां बनाया था ठिकाना
आईएम के बरकत और शाकिब के आगरा में रेकी करने से पहले आईएम का प्रमुख आतंकी तहसीन भी यहां आया था। उसके आगरा में ठहरने की बात पिछले दिनों प्रकाश में आई थी। तब भी खुफिया एजेंसियों ने पड़ताल की थी, लेकिन तहसीन के आगरा प्रवास के बारे में जानकारी नहीं मिली थी। अब दोनों आतंकियों के आगरा में ठहरने की पुष्टि होने के बाद माना जा रहा है कि तहसीन अख्तर ने भी आगरा में रेकी की होगी। उसके निर्देश के बाद ही बरकत अपने साथी के साथ यहां पहुंचा।
शहर में और तो नहीं स्लीपिंग माड्यूल
शहर में आईएम के स्लीपिंग माड्यूलों की आवाजाही की बात कई दफा प्रकाश में आ चुकी है। एक साल पूर्व अछनेरा से आईएसआई के एजेंट को भी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। अछनेरा का रहने वाला आईएसआई एजेंट दिल्ली में ठिकाना बनाकर आगरा में आकर रेकी करता रहता था। वह यहां सैन्य इलाके से पकड़ा गया था। सिमी (अब आईएम) के गढ़ रहे अलीगढ़ के नजदीक होने के कारण आगरा स्लीपिंग माड्यूल का सुरक्षित ठिकाना रहा है। अकसर ही खुफिया एजेंसियों को उनके आगरा में ठहरने की जानकारी तब मिलती है, जबकि वह यहां से जा चुके होते हैं।
ताज से ज्यादा खतरा है आगरा किले पर
ताजमहल की सुरक्षा में तो सीआईएसएफ, पुलिस, पीएसी तैनात है ही, रेड और यलो जोन के दो घेरों में बैरियर, मोर्चे, पोस्ट आदि के जरिए सुरक्षाबल लगे हुए हैं। आगरा किला न केवल पर्यटकों की दृष्टि से, बल्कि सेना के सामरिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है।
आगरा किला का दो तिहाई हिस्सा सेना के पास है, जिसमें गोला-बारूद का गोदाम और सैन्य परिसर भी है। दिल्ली के लाल किले पर आतंकी हमले के बाद से आगरा किला आतंकियों के निशाने पर है।
दिल्ली गेट तो सेना के कब्जे में है, लेकिन अमर सिंह गेट की सुरक्षा एसआईएस के डंडाधारियों के हवाले है। यहां सुरक्षा जांच भी ढंग से नहीं की जाती। किले में न तो मैटल डिटेक्टर हैं और न ही सीसीटीवी। इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी बरकत और शाकिब अंसारी की रेकी के बाद भी किले की सुरक्षा की समीक्षा एएसआई ने नहीं की है।