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आरुषि, हेमराज की हत्या तलवार दंपति ने की: सीबीआई
गाजियाबाद/ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2013 09:13 PM IST
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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में मुख्य जांच अधिकारी रहे सीबीआई के एएसपी एजीएल कौल ने कहा कि दोनों की हत्या डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नूपुर तलवार ने की थी।
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कौल का कहना था कि पूरी जांच और परिस्थितियों से मैंने यह निष्कर्ष निकाला था।
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उन्होंने अपनी जांच के आधार पर ही नौकर कृष्णा, राजकुमार और विजय मंडल को भी क्लीन चिट दी थी। मंगलवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में गवाह एजीएल कौल ने यह बात कही।
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मंगलवार को कोर्ट में तलवार दंपति पेश हुए। इस मामले की सुनवाई कल भी होगी।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक आरके सैनी और बीके सिंह ने मंगलवार को गवाही के लिए एजीएल कौल को कोर्ट में पेश किया।
कौल ने बताया कि 8 सितंबर 2009 को सीबीआई ने एक अनुसंधान टीम गठित की थी। इस टीम का मैं मुख्य विवेचनाधिकारी था।
सीएफएसएल जांच में पता चला था कि गोल्फ स्टिक किट में दो स्टिक बाकी अन्य स्टिक से ज्यादा साफ थीं। राजेश तलवार से मैंने गोल्फ स्टिक के बारे में पूछा था, मगर उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।
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एजीएल कौल ने बताया कि घटना स्थल वाले मकान में प्रवेश का एक ही मुख्य दरवाजा था। इसके बाद एक लोहे का दरवाजा था। इसके अंदर की तरफ लकड़ी का दरवाजा था।
मुख्य दरवाजे और लोहे के दरवाजे के बीच हेमराज के कमरे का एक दरवाजा खुलता था। जबकि उसके कमरे का दूसरा दरवाजा लकड़ी के दरवाजे के पास खुलता था।
हेमराज के कमरे से निकलकर लोहे के दरवाजे की चटखनी बाहर से लगाई जा सकती थी। इसके बाद हेमराज के कमरे से वापस जाकर फ्लैट के अंदर पहुंचा जा सकता था।
पूछताछ में राजेश तलवार ने बताया था कि आरुषि की हत्या के समय ‘थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ नामक किताब उसके बेड पर थी। इस किताब और आरुषि के मोबाइल डिब्बे को सीबीआई इंस्पेक्टर अरविंद जेटली ने सीज किया था।
एजीएल कौल ने बताया कि सीन ऑफ क्राइम की ड्रेसिंग की गई थी। जिस बेड पर आरुषि की लाश थी, उसकी चादर में एक भी सिलवट नहीं थी।
आरुषि का गला काटने से खून का फव्वारा नहीं निकला था। हेमराज की लाश छत पर पैनल से ढकी गई थी और छत के दरवाजे में सीढ़ियों की तरफ से ताला लगाया गया था।