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Sultanpur News: 16 साल पुराने हत्याकांड में दो सगे भाई दोषी करार
Wed, 23 Sep 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:53 PM IST
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सुल्तानपुर। जमीन कब्जाने के विवाद में 16 साल पहले गोली मारकर अयोध्या बख्श सिंह की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने बुधवार को दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया। गिरीश कुमार पांडेय और सतीश पांडेय को हत्या समेत अन्य अपराधों में दोषी ठहराया गया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की गई है। क्रॉस मुकदमे में मृतक के दोनों पुत्रों जितेंद्र सिंह और रवींद्र सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
मामला अमेठी के मुंशीगंज कोतवाली क्षेत्र के नोहरेपुर-रघुनाथपुर गांव का है। मृतक के बेटे जितेंद्र सिंह ने 30 जुलाई 2010 की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि गिरीश पांडेय और उनके घर वाले आबादी की जमीन को जोताई कर अपने खेत में मिला रहे थे। विरोध करने पर गिरीश ने लाइसेंसी राइफल से अयोध्या बख्श सिंह को गोली मार दी। उनकी मौत हो गई। रवींद्र सिंह को भी राइफल की बट से पीटकर घायल कर दिया गया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी विनीत पांडेय की मौत हो गई। प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल ने अभियोजन के गवाहों का परीक्षण कराया। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गिरीश और सतीश को दोषी ठहराया।
क्रॉस मुकदमे में दोनों भाई बरी
गिरीश पांडेय ने भी घटना के बाद जितेंद्र और रवींद्र के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
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मामला अमेठी के मुंशीगंज कोतवाली क्षेत्र के नोहरेपुर-रघुनाथपुर गांव का है। मृतक के बेटे जितेंद्र सिंह ने 30 जुलाई 2010 की घटना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि गिरीश पांडेय और उनके घर वाले आबादी की जमीन को जोताई कर अपने खेत में मिला रहे थे। विरोध करने पर गिरीश ने लाइसेंसी राइफल से अयोध्या बख्श सिंह को गोली मार दी। उनकी मौत हो गई। रवींद्र सिंह को भी राइफल की बट से पीटकर घायल कर दिया गया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी विनीत पांडेय की मौत हो गई। प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल ने अभियोजन के गवाहों का परीक्षण कराया। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने गिरीश और सतीश को दोषी ठहराया।
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क्रॉस मुकदमे में दोनों भाई बरी
गिरीश पांडेय ने भी घटना के बाद जितेंद्र और रवींद्र के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
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