{"_id":"6ab41ebd34e557db93056684","slug":"two-arrested-in-bribery-case-cbi-examined-bank-records-until-late-at-night-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-165647-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: घूसकांड में दो गिरफ्तार, सीबीआई ने देर रात तक बैंक में खंगाली पत्रावली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: घूसकांड में दो गिरफ्तार, सीबीआई ने देर रात तक बैंक में खंगाली पत्रावली
Thu, 24 Sep 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:17 AM IST
विज्ञापन
फील्ड आफीसर को ले जाती सीबीआई टीम
दोस्तपुर। बेलवारे स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पांच हजार रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई ने देर रात तक कार्रवाई की। सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ की टीम ने मंगलवार दोपहर छापा मारा। फील्ड अफसर अनुराग सिंह और स्वीपर रशीद को गिरफ्तार किया गया।
भरथुआ निवासी गौरव सिंह ने मछली पालन के लिए 1.15 लाख रुपये के ऋण का आवेदन किया था। आरोप है कि ऋण प्रक्रिया बढ़ाने के बदले पांच हजार रुपये मांगे गए थे। सीबीआई ने अनुराग सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। कार्रवाई के दौरान बैंक का गेट बंद करा दिया गया। टीम ने शाखा प्रबंधक प्रवीण कुमार समेत अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। ऋण से जुड़ी पत्रावली और अन्य लेन-देन की भी पड़ताल की गई। कुछ रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए। सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ के डीएसपी अरिजीत सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार कर्मियों के संबंध में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के डिप्टी रीजनल मैनेजर को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
जांच में स्वीपर की भूमिका भी सामने आई
जांच में स्वीपर रशीद की भूमिका भी सामने आई। सीबीआई के गिरफ्तारी पत्र के अनुसार, दोनों पर आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये का अनुचित लाभ मांगा और स्वीकार किया। दोनों आरोपियों को रात करीब 10:30 बजे टीम अपने साथ लखनऊ ले गई। ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय उप प्रबंधक दिनेश पाल ने दोनों कर्मियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
विज्ञापन
ग्रामीण बैंक में पहले भी रिश्वत के मामले
ग्रामीण बैंक में ऋण के बदले रिश्वत का यह पहला मामला नहीं है। करीब दस साल पहले लंभुआ की हरिहरपुर शाखा के प्रबंधक राकेश ठाकुर को सीबीआई ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट से जमानत के बाद बैंक ने उन्हें बहाल किया था। बाद में वह बैंक धोखाधड़ी के मामले में निलंबित हुए। करीब डेढ़ महीने पहले सीबीआई अदालत ने उन्हें सजा और जुर्माना सुनाया। राकेश ठाकुर वर्तमान में निलंबित हैं।
विज्ञापन
भरथुआ निवासी गौरव सिंह ने मछली पालन के लिए 1.15 लाख रुपये के ऋण का आवेदन किया था। आरोप है कि ऋण प्रक्रिया बढ़ाने के बदले पांच हजार रुपये मांगे गए थे। सीबीआई ने अनुराग सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। कार्रवाई के दौरान बैंक का गेट बंद करा दिया गया। टीम ने शाखा प्रबंधक प्रवीण कुमार समेत अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। ऋण से जुड़ी पत्रावली और अन्य लेन-देन की भी पड़ताल की गई। कुछ रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए। सीबीआई एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ के डीएसपी अरिजीत सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार कर्मियों के संबंध में उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के डिप्टी रीजनल मैनेजर को पत्र भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
जांच में स्वीपर की भूमिका भी सामने आई
जांच में स्वीपर रशीद की भूमिका भी सामने आई। सीबीआई के गिरफ्तारी पत्र के अनुसार, दोनों पर आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये का अनुचित लाभ मांगा और स्वीकार किया। दोनों आरोपियों को रात करीब 10:30 बजे टीम अपने साथ लखनऊ ले गई। ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय उप प्रबंधक दिनेश पाल ने दोनों कर्मियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
विज्ञापन
ग्रामीण बैंक में पहले भी रिश्वत के मामले
ग्रामीण बैंक में ऋण के बदले रिश्वत का यह पहला मामला नहीं है। करीब दस साल पहले लंभुआ की हरिहरपुर शाखा के प्रबंधक राकेश ठाकुर को सीबीआई ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट से जमानत के बाद बैंक ने उन्हें बहाल किया था। बाद में वह बैंक धोखाधड़ी के मामले में निलंबित हुए। करीब डेढ़ महीने पहले सीबीआई अदालत ने उन्हें सजा और जुर्माना सुनाया। राकेश ठाकुर वर्तमान में निलंबित हैं।