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2600 मीट्रिक टन खाद पहुंची, किसानों को राहत की उम्मीद
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सुल्तानपुर। जिले में डीएपी की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए 2600 मीट्रिक टन उर्वरक की एक रैक शुक्रवार को पहुंच गई। इसमें डीएपी व एनपीके दोनों शामिल है। अधिकारियों ने मौके से ही समितियों पर सीधे उर्वकर भेजवाना शुरू कर दिया है। शनिवार से इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी।
रबी फसलों की बोआई के लिए कई दिनों से डीएपी की कमी से जूझ रहे किसानों को शुक्रवार को राहत मिल गई। शासन के निर्देश पर भेजी गई इफ्को की डीएपी व एनपीके की एक रैक जिले में शुक्रवार सुबह पहुंच गई। इसमें दो हजार मीट्रिक टन डीएपी व और 600 मीट्रिक टन यूरिया शामिल है। शुक्रवार की सुबह रैक पहुंचते ही कर्मचारियों व अधिकारियों ने उसे मौके से ही ट्रकों से समितियों को भेजवाया। शाम तक समितियों व संघ के गोदामों पर डीएपी व एनपीके के पहुंचने का दावा अधिकारियों ने किया है। अधिकारियों के मुुुताबिक शनिवार की सुबह से दोनों उर्वरक की बिक्री समितियों व अन्य विक्रय केंद्रों पर शुरू हो जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि इसके साथ ही निजी दुकानदारों के लिए 850 मीट्रिक टन चंबल की डीएपी रायबरेली से मिली है। इसे दुकानों पर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को 600 मीट्रिक टन पीपीएल की डीएपी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही गोदावरी की डीएपी भी शाम तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अब जिले में डीएपी की कमी नहीं रह गई है। किसान आधार कार्ड व जोत बही के हिसाब से क्रय केंद्रों से उर्वरक ले सकते हैं।
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रबी फसलों की बोआई के लिए कई दिनों से डीएपी की कमी से जूझ रहे किसानों को शुक्रवार को राहत मिल गई। शासन के निर्देश पर भेजी गई इफ्को की डीएपी व एनपीके की एक रैक जिले में शुक्रवार सुबह पहुंच गई। इसमें दो हजार मीट्रिक टन डीएपी व और 600 मीट्रिक टन यूरिया शामिल है। शुक्रवार की सुबह रैक पहुंचते ही कर्मचारियों व अधिकारियों ने उसे मौके से ही ट्रकों से समितियों को भेजवाया। शाम तक समितियों व संघ के गोदामों पर डीएपी व एनपीके के पहुंचने का दावा अधिकारियों ने किया है। अधिकारियों के मुुुताबिक शनिवार की सुबह से दोनों उर्वरक की बिक्री समितियों व अन्य विक्रय केंद्रों पर शुरू हो जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि इसके साथ ही निजी दुकानदारों के लिए 850 मीट्रिक टन चंबल की डीएपी रायबरेली से मिली है। इसे दुकानों पर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को 600 मीट्रिक टन पीपीएल की डीएपी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही गोदावरी की डीएपी भी शाम तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अब जिले में डीएपी की कमी नहीं रह गई है। किसान आधार कार्ड व जोत बही के हिसाब से क्रय केंद्रों से उर्वरक ले सकते हैं।
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