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Sultanpur News: डकैती व एनकाउंटर के सवालों पर भारी पड़ा पुलिस का गुडवर्क

Thu, 12 Sep 2024 02:07 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2024 02:07 AM IST
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The good work of the police overshadowed the questions of robbery and encounter.
सुल्तानपुर। सरेबाजार डकैती के बाद सबसे पहले कानून व्यवस्था पर सवाल उठे। डकैती में शामिल बदमाश मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद प्रदेश के साथ ही देश में राजनीतिक मुद्दा भी बना। नेताओं ने बयानबाजी शुरू कर दी। सीधे-सीधे पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया। डकैती के खुलासे को लेकर राजनेताओं के साथ व्यापारी वर्ग का भी दबाव था।
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बावजूद इसके, एसटीएफ और पुलिस की टीमें सधे कदमों से आगे बढ़ती रहीं। इसी की परिणति रही कि वारदात में शामिल आठ डकैत जेल में हैं। डकैती का सारा सोना भी बरामद कर लिया गया है। डकैती और एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों पर पुलिस का यह गुडवर्क भारी पड़ा है।
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28 अगस्त को सराफ भरत सोनी की दुकान पर डकैती पड़ी तो यूपी सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। डकैतों को पकड़ने के लिए एसटीएफ के साथ अयोध्या की एसओजी को लगाया गया। एक सप्ताह के भीतर तीन डकैतों को मुठभेड़ में दबोच लिया गया।
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पांच सितंबर को जब मंगेश यादव का एनकाउंटर हुआ तो डकैती से ज्यादा इस मुठभेड़ को लेकर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए। ये संदेह जताया गया कि डकैती में मंगेश शामिल ही नहीं था।


मगर, जब पुलिस ने गिरोह के सरगना विपिन सिंह की निशानदेही पर सोना बरामद किया। उसके चार और साथियों को पकड़कर लूट का सारा सोना अपने कब्जे में ले लिया, तब उन सारे प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट हो गए, जो डकैती के खुलासे के पहले उठाए जा रहे थे।



जिस बैग में भरा था सामान, वो भी बरामद
डकैतों ने भरत जी की दुकान से जिस बैग में आभूषण भरे थे, उसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आभूषणों से भरा ये वही बैग था, जो बदमाश उठा नहीं पा रहे थे।


अयोध्या एसओजी प्रभारी की रही अहम भूमिका
एसओजी प्रभारी अयोध्या अमरेश त्रिपाठी पूर्व में रायबरेली जिले में भी सेवाएं दे चुके हैं। वहां भी वह एसओजी के प्रभारी रहे और कई बड़ी वारदातों का खुलासा किया। उन्होंने गैर प्रांत से लाया जा रहा भारी मात्रा में गांजा भी बरामद किया। डकैती के खुलासे में उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने ही रायबरेली में ठीकठाक सोना बरामद किया। रायबरेली में उनके मुखबिरों ने डकैती के राजफाश में काफी मदद की। ये भी पता चला है कि लखनऊ में हुई 40 लाख की डकैती के खुलासे में भी अमरेश की अहम भूमिका थी।


तीन गिरोह के अपराधी थे शामिल
डकैती में अमेठी के विपिन सिंह के गिरोह के अलावा जौनपुर के अजय यादव और आजमगढ़ के अरविंद यादव का गिरोह भी शामिल थे। तीनों गिरोहों के सरगना डकैती में सीधे संलिप्त थे।



सराफा व्यापारी धैर्य न रखते और नागरिकाें का समर्थन न होता तो ये कामयाबी इतनी जल्दी नहीं मिलती। व्यापारी संगठनों का मैं आभार व्यक्त करता हूं। -सोमेन बर्मा, पुलिस अधीक्षक
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