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Sultanpur News: हड़ताल से खाद का संकट, समितियों पर लटके ताले
Wed, 28 Oct 2026 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 28 Oct 2026 12:13 AM IST
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धनपतगंज। साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से क्षेत्र में खाद का संकट गहरा गया है। आलू, मटर और चना की बोआई के समय किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। कुट्टा, सेमरौना, जूड़ा पट्टी, विसांवा, मायंग और देहली समितियों पर ताले लटकने से वितरण ठप है।
सचिव 22 अक्तूबर से वेतन संबंधी मांगों के लिए लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। समितियों के गोदामों से खाद का उठान और वितरण प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है।
हरना के छोटेलाल यादव, इंद्रपाल, खारा के मंगल, राधेरमण और कनेहटी के रमेश ने बताया कि बोआई के लिए डीएपी खाद की जरूरत है। समितियों पर खाद नहीं मिलने से निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। समिति पर 1350 रुपये में डीएपी मिलती है। निजी दुकानदार एक बोरी डीएपी पर 1500 से 1800 रुपये वसूल रहे हैं। जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों को आशंका है कि गेहूं की बोआई के समय मांग बढ़ने पर संकट और गहरा सकता है।
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मायंग समिति के सचिव श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि वेतन संबंधी मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। इसके कारण खाद का उठान नहीं हो पा रहा है।
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सचिव 22 अक्तूबर से वेतन संबंधी मांगों के लिए लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। समितियों के गोदामों से खाद का उठान और वितरण प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है।
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हरना के छोटेलाल यादव, इंद्रपाल, खारा के मंगल, राधेरमण और कनेहटी के रमेश ने बताया कि बोआई के लिए डीएपी खाद की जरूरत है। समितियों पर खाद नहीं मिलने से निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। समिति पर 1350 रुपये में डीएपी मिलती है। निजी दुकानदार एक बोरी डीएपी पर 1500 से 1800 रुपये वसूल रहे हैं। जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों को आशंका है कि गेहूं की बोआई के समय मांग बढ़ने पर संकट और गहरा सकता है।
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मायंग समिति के सचिव श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि वेतन संबंधी मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। इसके कारण खाद का उठान नहीं हो पा रहा है।