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परखे लोगों पर सपा ने जताया भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:39 PM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सपा नेतृत्व ने पार्टी के परखे लोगों पर भरोसा जताया है। शायद यही वजह है कि विरोध के बावजूद सुल्तानपुर में पृथ्वीपाल यादव तो अमेठी में शिवकली मौर्या को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनने का मौका मिला है। सपा ने दोनों जिलों के प्रत्याशियों की घोषणा करते हुए चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी पार्टी को सौंपी है।
आठ जनवरी को संभावित जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सपा नेतृत्व ने सुल्तानपुर से मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल व अमेठी से गौरीगंज की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख शिवकली मौर्या को उतारा है। पृथ्वीपाल सुल्तानपुर के डीडीसी वार्ड संख्या 42 से व शिवकली अमेठी के वार्ड संख्या 24 से चुनाव जीती हैं। पृथ्वीपाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए तो शिवकली ने ब्लॉक प्रमुख पद से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा था। यह गौरीगंज सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की करीबी बताई जाती हैं।
माना जा रहा है कि सपा की पुरानी कार्यकर्ता होने व विधायक की पैरवी की वजह से सपा नेतृत्व ने इन्हें मौका दिया है। सुल्तानपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी बनने का दोबारा मौका पाने वाले पृथ्वीपाल की इन दिनों स्थानीय विधायक से काफी दूरियां बताई जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के लोग तो इन्हें चाहते थे लेकिन स्थानीय एक विधायक इनके विरोध में थे। वे एक बाहरी महिला डीडीसी की पैरवी में लगे थे। विरोधों के बावजूद सपा नेतृत्व ने पृथ्वीपाल पर फिर भरोसा जताया है।
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प्रत्याशी की घोषणा में सपा ने मारी बाजी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्याशी घोषित करने में सपा ने बाजी मार ली है। सोमवार को दोनों जिलों से प्रत्याशियों की घोषणा करके सपा ने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल बसपा व भाजपा को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि बसपा में एक डीडीसी का लड़ना लगभग तय माना जा रहा है लेकिन भाजपा में अभी प्रत्याशी को लेकर माथापच्ची चल रही है। प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से भाजपा धन बल के इस चुनाव में और पिछड़ती जा रही है।
सपा की घोषणा से भाजपाई को झटका
सपा से प्रत्याशी की घोषणा हो जाने से टिकट की उम्मीद में लगे एक भाजपाई को करारा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक वे भाजपा में रहते हुए सपा के एक माननीय के जरिए अपनी पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। भाजपा में भी उनकी पैरवी प्रदेश नेताओं से चल रही है। इस बीच सपा द्वारा अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर देने से उनके सपा में जाने की चर्चाओं को विराम लग गया।
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आठ जनवरी को संभावित जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सपा नेतृत्व ने सुल्तानपुर से मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष पृथ्वीपाल व अमेठी से गौरीगंज की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख शिवकली मौर्या को उतारा है। पृथ्वीपाल सुल्तानपुर के डीडीसी वार्ड संख्या 42 से व शिवकली अमेठी के वार्ड संख्या 24 से चुनाव जीती हैं। पृथ्वीपाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए तो शिवकली ने ब्लॉक प्रमुख पद से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा था। यह गौरीगंज सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह की करीबी बताई जाती हैं।
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माना जा रहा है कि सपा की पुरानी कार्यकर्ता होने व विधायक की पैरवी की वजह से सपा नेतृत्व ने इन्हें मौका दिया है। सुल्तानपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी बनने का दोबारा मौका पाने वाले पृथ्वीपाल की इन दिनों स्थानीय विधायक से काफी दूरियां बताई जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के लोग तो इन्हें चाहते थे लेकिन स्थानीय एक विधायक इनके विरोध में थे। वे एक बाहरी महिला डीडीसी की पैरवी में लगे थे। विरोधों के बावजूद सपा नेतृत्व ने पृथ्वीपाल पर फिर भरोसा जताया है।
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प्रत्याशी की घोषणा में सपा ने मारी बाजी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्याशी घोषित करने में सपा ने बाजी मार ली है। सोमवार को दोनों जिलों से प्रत्याशियों की घोषणा करके सपा ने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल बसपा व भाजपा को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि बसपा में एक डीडीसी का लड़ना लगभग तय माना जा रहा है लेकिन भाजपा में अभी प्रत्याशी को लेकर माथापच्ची चल रही है। प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से भाजपा धन बल के इस चुनाव में और पिछड़ती जा रही है।
सपा की घोषणा से भाजपाई को झटका
सपा से प्रत्याशी की घोषणा हो जाने से टिकट की उम्मीद में लगे एक भाजपाई को करारा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक वे भाजपा में रहते हुए सपा के एक माननीय के जरिए अपनी पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। भाजपा में भी उनकी पैरवी प्रदेश नेताओं से चल रही है। इस बीच सपा द्वारा अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर देने से उनके सपा में जाने की चर्चाओं को विराम लग गया।