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विद्यालय की बाउंड्रीवाल ढही, छात्र की मौत

Thu, 23 Dec 2021 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 12:12 AM IST
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School's boundary wall collapsed, student died
सुल्तानपुर। विकास क्षेत्र कादीपुर के पोखरदहा प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल ढहने से कक्षा तीन के छात्र की दबकर मौत हो गई। मामले में पूर्व ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बीएसए ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है।
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कादीपुर थाना क्षेत्र के पोखरदहा निवासी सुधाकर सिंह का पुत्र सुधांशु सिंह कक्षा तीन में पढ़ता था। मंगलवार दोपहर 12 बजे एमडीएम के लिए वह किचन शेड की तरफ जा रहा था। तभी अचानक बाउंड्रीवाल भरभराकर ढह गई। छात्र सुधांशु बाउंड्रीवाल के मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
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प्राथमिक उपचार के लिए उसे जौनपुर के शाहगंज ले जाया गया। वहां से परिवारीजन उसे जिला अस्पताल सुल्तानपुर ला रहे थे। रास्ते में ही छात्र की मौत हो गई। यह जानकारी मिलते ही बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
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मृत छात्र की मां सुधा सिंह ने कादीपुर कोतवाली में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। मामले में बाउंड्रीवाल बनवाने वाले पूर्व ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, बीएसए दीवान सिंह यादव ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नीलम श्रीवास्तव को कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों का सम्यक निर्वहन न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।
बीएसए ने बताया कि यह घटना मध्याह्न भोजन अवकाश के समय हुई। प्रधानाध्यापिका यदि समय से अपने कर्तव्यों व उत्तरदायित्वों का निर्वहन करतीं तो इस हादसे से बचा जा सकता था। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापिका नीलम श्रीवास्तव को बीआरसी कादीपुर से संबद्ध किया गया है। मामले में दोस्तपुर खंड शिक्षाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उधर, छात्र की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मचा है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों के 532 जर्जर भवन टेंडर के फेर में अटके हुए हैं। ये भवन कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं। विद्यालय परिसरों में मौजूद इन भवनों के आसपास अक्सर बच्चे खेलने-कूदने जाते रहते हैं। शासन ने जर्जर व निष्प्रयोज्य विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण का निर्देश दिया था।

इन विद्यालयों को ध्वस्त कराने के लिए जिलाधिकारी की ओर से मूल्यांकन कमेटी गठित की गई थी। मूल्यांकन राशि अधिक होने से न तो समय पर नीलामी हो पा रही है और न ही ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया ही आगे बढ़ पा रही है। बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि जर्जर भवनों का दोबारा मूल्यांकन कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जर्जर भवनों को ढहा दिया जाएगा।
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