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Sultanpur News: राहुल गांधी मानहानि केस में तलब
Tue, 28 Nov 2023 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 28 Nov 2023 12:05 AM IST
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सुल्तानपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सोमवार को कोर्ट ने आरोपी मानते हुए विचारण के लिए तलब करने का आदेश दिया है। एमपी-एमएमए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की है। इससे राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अधिवक्ता संतोष पांडेय के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी व जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने चार अगस्त 2018 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने बंगलुरू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे परिवादी की भावनाएं आहत हुई थीं।
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परिवादी व अन्य गवाहों का बयान दर्ज होने के बाद 18 नवंबर को बहस हुई थी। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। 27 नवंबर को एमपी-एमएमए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश सुनाया। कोर्ट ने उनके खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है।
यह था मामला
15 जुलाई 2018 को परिवादी विजय मिश्र के घर पर क्षेत्र के रामचंद्र दुबे, अनिरुद्ध शुक्ल, अनिल मिश्र व दिनेश कुमार मिलने आए थे। अनिरुद्ध शुक्ल ने दिनेश कुमार से कहा कि वे जिस पार्टी के कार्यकर्ता हैं, उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहा जा रहा है। इसके बाद अनिरुद्ध व दिनेश कुमार ने परिवादी से कहा कि वे पार्टी छोड़ दें। इन लोगों ने विजय मिश्र को वीडियो की फुटेज दिखाई थी। इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रसारित खबर की वीडियो फुटेज में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हत्या के आरोपी हैं। इनका नाम जज लोया केस में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने भी लिया था। परिवादी का कहना है कि अमित शाह हत्या के आरोपी नहीं हैं। राहुल गांधी के बयान से परिवादी व भाजपा की साख को धक्का लगा है।
छह पेज के आदेश में दर्ज है पूरा ब्योरा
कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तलब करने का आदेश छह पेज में किया है। इसमें परिवादी विजय मिश्र और अन्य गवाहों रामचंद्र दुबे, अनिरुद्ध शुक्ल व अनिल मिश्र के बयान के साथ ही अन्य साक्ष्यों का सिलसिलेवार उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने कहा है कि राहुल गांधी को आरोपी के रूप में तलब करने का पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है।
मानहानि केस में दो वर्ष की सजा का प्रावधान
किसी के बारे में झूठी अफवाहें फैलाना, टिप्पणी करना, उसके मान-सम्मान के खिलाफ कुछ छपवाना मानहानि माना जाता है। भारतीय दंड संहिता के तहत मानहानि के लिए आरोपी को अधिकतम दो वर्ष तक के साधारण कारावास की सजा हो सकती है।
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अधिवक्ता संतोष पांडेय के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी व जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने चार अगस्त 2018 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया था।
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उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने बंगलुरू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इससे परिवादी की भावनाएं आहत हुई थीं।
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परिवादी व अन्य गवाहों का बयान दर्ज होने के बाद 18 नवंबर को बहस हुई थी। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। 27 नवंबर को एमपी-एमएमए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश सुनाया। कोर्ट ने उनके खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है।
यह था मामला
15 जुलाई 2018 को परिवादी विजय मिश्र के घर पर क्षेत्र के रामचंद्र दुबे, अनिरुद्ध शुक्ल, अनिल मिश्र व दिनेश कुमार मिलने आए थे। अनिरुद्ध शुक्ल ने दिनेश कुमार से कहा कि वे जिस पार्टी के कार्यकर्ता हैं, उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहा जा रहा है। इसके बाद अनिरुद्ध व दिनेश कुमार ने परिवादी से कहा कि वे पार्टी छोड़ दें। इन लोगों ने विजय मिश्र को वीडियो की फुटेज दिखाई थी। इलेक्ट्रानिक मीडिया पर प्रसारित खबर की वीडियो फुटेज में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह हत्या के आरोपी हैं। इनका नाम जज लोया केस में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने भी लिया था। परिवादी का कहना है कि अमित शाह हत्या के आरोपी नहीं हैं। राहुल गांधी के बयान से परिवादी व भाजपा की साख को धक्का लगा है।
छह पेज के आदेश में दर्ज है पूरा ब्योरा
कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तलब करने का आदेश छह पेज में किया है। इसमें परिवादी विजय मिश्र और अन्य गवाहों रामचंद्र दुबे, अनिरुद्ध शुक्ल व अनिल मिश्र के बयान के साथ ही अन्य साक्ष्यों का सिलसिलेवार उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने कहा है कि राहुल गांधी को आरोपी के रूप में तलब करने का पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है।
मानहानि केस में दो वर्ष की सजा का प्रावधान
किसी के बारे में झूठी अफवाहें फैलाना, टिप्पणी करना, उसके मान-सम्मान के खिलाफ कुछ छपवाना मानहानि माना जाता है। भारतीय दंड संहिता के तहत मानहानि के लिए आरोपी को अधिकतम दो वर्ष तक के साधारण कारावास की सजा हो सकती है।