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Sultanpur News: नए कानून के साथ अपराध के मुकाबले को पुलिस तैयार
Mon, 01 Jul 2024 04:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 01 Jul 2024 04:17 AM IST
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सुल्तानपुर। आधी रात से ही अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे तीनों आपराधिक कानून बदल गए हैं। इसके लिए पुलिस ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं। इसके अनुरूप काम करने के लिए पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्य आरक्षी और कंप्यूटर ऑपरेटर तक को प्रशिक्षित किया गया है। रविवार को भी थाने में नए कानून के हिसाब से काम करने को लेकर तैयारियां होती रहीं।
अभी तक पुलिस थानों में जो मुकदमे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दर्ज करती थी। अब भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किए जाएंगे। यह सारी धाराएं आदि तो पहले ही सीसीटीएनएस के माध्यम से अपडेट की जा चुकी हैं। किंतु इसमें किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए ही जिले के सभी इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, सभी तरह के विवेचक, मुख्य आरक्षी और कंप्यूटर ऑपरेटरों तक को प्रशिक्षण दिए जाने का काम चल रहा था। यह काम पूरा हो चुका है।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण चंद्रा ने बताया कि पूरा स्टाफ प्रशिक्षत हो चुका है। इसके लिए कई कार्यशालाएं हुई हैं। अब आमजन को भी इस कानून से अवगत कराने के लिए थानों और गांवों में गोष्ठियां कराई जाएंगी। उधर, अब किसी भी मुकदमे का ट्रायल हर हाल में तीन माह के भीतर शुरू ही करना पड़ेगा। अभी तक अनेक केस में बरसों तक ट्रायल ही नहीं होता था। जिससे न्याय मिलने में देरी होती थी।
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थाने में बुलाकर लोगों को दी नए कानून की जानकारी
गोसाईंगंज। जिले के विभिन्न थानाें में रविवार को गोष्ठियां कर लोगों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। गोसाईगंज थाने में आयोजित बैठक में प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार ने बताया कि रविवार मध्य रात्रि से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम व भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू हो जाएगी। अब पुलिस को तीन साल से अधिक और सात साल से कम वाले मामलों में गिरफ्तारी से पहले पुलिस अधीक्षक से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके साथ ही धाराएं भी बदल जाएंगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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अभी तक पुलिस थानों में जो मुकदमे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दर्ज करती थी। अब भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किए जाएंगे। यह सारी धाराएं आदि तो पहले ही सीसीटीएनएस के माध्यम से अपडेट की जा चुकी हैं। किंतु इसमें किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए ही जिले के सभी इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, सभी तरह के विवेचक, मुख्य आरक्षी और कंप्यूटर ऑपरेटरों तक को प्रशिक्षण दिए जाने का काम चल रहा था। यह काम पूरा हो चुका है।
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अपर पुलिस अधीक्षक अरुण चंद्रा ने बताया कि पूरा स्टाफ प्रशिक्षत हो चुका है। इसके लिए कई कार्यशालाएं हुई हैं। अब आमजन को भी इस कानून से अवगत कराने के लिए थानों और गांवों में गोष्ठियां कराई जाएंगी। उधर, अब किसी भी मुकदमे का ट्रायल हर हाल में तीन माह के भीतर शुरू ही करना पड़ेगा। अभी तक अनेक केस में बरसों तक ट्रायल ही नहीं होता था। जिससे न्याय मिलने में देरी होती थी।
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थाने में बुलाकर लोगों को दी नए कानून की जानकारी
गोसाईंगंज। जिले के विभिन्न थानाें में रविवार को गोष्ठियां कर लोगों को नए कानूनों की जानकारी दी गई। गोसाईगंज थाने में आयोजित बैठक में प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार ने बताया कि रविवार मध्य रात्रि से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम व भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू हो जाएगी। अब पुलिस को तीन साल से अधिक और सात साल से कम वाले मामलों में गिरफ्तारी से पहले पुलिस अधीक्षक से अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके साथ ही धाराएं भी बदल जाएंगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।