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Sultanpur News: पुलिस ने जिलेभर में खोजे 145 दुर्घटना बहुल स्थल
Wed, 21 May 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 21 May 2025 12:21 AM IST
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दुर्घटना बाहुल्य स्थल पयागीपुर चौराहा।
सुल्तानपुर। सड़क हादसों में अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने विशेष पहल की है। उन्होंने जिले में पांच साल में हुईं सड़क दुर्घटनाओं के आधार पर 145 दुर्घटना बहुल स्थल चिन्हित कराए हैं।
इन स्थलों पर दुर्घटना से बचाव के लिए उचित इंतजाम हों, इस पर मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुझाव भी दिए हैं। एसपी के मुताबिक, जल्द ही इन ब्लैक स्पॉट पर जागरूकता और बचाव के लिए जरूरी बंदोबस्त किए जाएंगे।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में जिले में 1446 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो गई, और 1361 लोग घायल हो गए। कुल 2807 दुर्घटनाएं जहां हुईं, उनको सूची में शामिल किया गया। डायल 112 में तीन साल के भीतर दुर्घटना की जो सूचनाएं आईं, उन स्थलों का भी भौतिक सत्यापन कराया गया। इनमें से 145 ब्लैक स्पॉट की सूची तैयार की गई, जहां चार या चार से अधिक बार दुर्घटनाएं हुई हैं।
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इन स्थलों की जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम) मैपिंग भी कराई गई है। इन स्थलों पर जरूरत के मुताबिक रिफ्लेक्टर, ब्रेकर, रेडियम लाइट, साइन बोर्ड, कैट लाइट आदि लगवाए जाएंगे। समय-समय पर यातायात कर्मी यहां वाहन चेकिंग भी करेंगे और लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाएंगे।
दुर्घटना बहुल्य स्थल (सर्किल वार)
सिटी सर्किल- 36
कादीपुर- 32
लंभुआ- 25
जयसिंपुर-23
बल्दीराय-29
सबसे ज्यादा हादसे गोसाईगंज में
पुलिस की ओर से जारी सूची में गोसाईगंज थाना सबसे ऊपर है। इस क्षेत्र में पांच वर्षों में 291 हादसे हुए हैं। कोतवाली देहात में 272, कोतवाली नगर में 247, जयसिंहपुर में 239 और कूरेभार में 222 दुर्घटनाएं हुई हैं। इसी तरह सभी थाना क्षेत्रों का ब्यौरा तैयार किया गया है। ब्लैक स्पॉट के चिन्हांकन में बीट सिपाही से भी रिपोर्ट ली गई है।
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना मुख्य उद्देश्य
हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई है। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, नगर निकाय आदि के सहयोग से जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। जल्द ही बदलाव नजर आएगा और हादसों में कमी भी आएगी।
कुंवर अनुपम सिंह, पुलिस अधीक्षक
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इन स्थलों पर दुर्घटना से बचाव के लिए उचित इंतजाम हों, इस पर मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुझाव भी दिए हैं। एसपी के मुताबिक, जल्द ही इन ब्लैक स्पॉट पर जागरूकता और बचाव के लिए जरूरी बंदोबस्त किए जाएंगे।
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में जिले में 1446 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो गई, और 1361 लोग घायल हो गए। कुल 2807 दुर्घटनाएं जहां हुईं, उनको सूची में शामिल किया गया। डायल 112 में तीन साल के भीतर दुर्घटना की जो सूचनाएं आईं, उन स्थलों का भी भौतिक सत्यापन कराया गया। इनमें से 145 ब्लैक स्पॉट की सूची तैयार की गई, जहां चार या चार से अधिक बार दुर्घटनाएं हुई हैं।
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इन स्थलों की जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम) मैपिंग भी कराई गई है। इन स्थलों पर जरूरत के मुताबिक रिफ्लेक्टर, ब्रेकर, रेडियम लाइट, साइन बोर्ड, कैट लाइट आदि लगवाए जाएंगे। समय-समय पर यातायात कर्मी यहां वाहन चेकिंग भी करेंगे और लोगों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाएंगे।
दुर्घटना बहुल्य स्थल (सर्किल वार)
सिटी सर्किल- 36
कादीपुर- 32
लंभुआ- 25
जयसिंपुर-23
बल्दीराय-29
सबसे ज्यादा हादसे गोसाईगंज में
पुलिस की ओर से जारी सूची में गोसाईगंज थाना सबसे ऊपर है। इस क्षेत्र में पांच वर्षों में 291 हादसे हुए हैं। कोतवाली देहात में 272, कोतवाली नगर में 247, जयसिंहपुर में 239 और कूरेभार में 222 दुर्घटनाएं हुई हैं। इसी तरह सभी थाना क्षेत्रों का ब्यौरा तैयार किया गया है। ब्लैक स्पॉट के चिन्हांकन में बीट सिपाही से भी रिपोर्ट ली गई है।
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना मुख्य उद्देश्य
हादसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई है। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एआरटीओ, नगर निकाय आदि के सहयोग से जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। जल्द ही बदलाव नजर आएगा और हादसों में कमी भी आएगी।
कुंवर अनुपम सिंह, पुलिस अधीक्षक