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गायब हुए भूगर्भ जल मापने के पीजो मीटर
Amarujala Bureau
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:28 PM IST
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अंधेरे में तीर चला रहा महकमा
- फोटो : अमर उजाला
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दिनों दिन गिरते भूगर्भ जल को लेकर लोगों को सचेत करने के लिए शासन की ओर से बनाई गई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहरी क्षेत्र को छोड़ दिया जाय तो ग्रामीण क्षेत्र के भूगर्भ जल मापन संख्या की जानकारी विभाग को भी नहीं है। ऐसे में प्रत्येक वर्ष आ रही भूगर्भ जल की रिपोर्ट पर ही सवाल खड़ा हो गया है। माना जा रहा है कि विभाग भूगर्भ जल मापन के मामले में अंधेरे में तीर चला रहा है।
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भूगर्भ जल के लगातार गिरते स्तर को लेकर मची हायतौबा के बीच नई जानकारी सामने आई है। शासन की ओर से भूगर्भ जल के मापन एवं लोगों को सचेत करने के लिए गठित किया गया भूगर्भ जल महकमा अपने कार्य को लेकर बेपरवाह है। भूगर्भ जल विभाग की बेपरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भूगर्भ जल मापने के लिए बनाए गए पीजो मीटर की जानकारी ही विभाग के अधिकारियों को नहीं है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कितने पीजो मीटर व किसी जगह लगाए गए हैं भूगर्भ जल विभाग के अधिशाषी अभियंता भी इसे नहीं बता पा रहे हैं। पीजो मीटर की जानकारी अधिकारियों तक को नहीं होने से विभाग की प्रत्येक वर्ष आ रही भूजल स्तर की रिपोर्ट पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
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शहर में 17 में दो खराब
शहर में भूगर्भ जल विभाग की ओर से 17 पीजो मीटर भूगर्भ जल स्तर मापन के लिए लगाने का दावा किया जा रहा है। इसमें आईटीआई, नवीन मंडी परिषद, डिहवा प्राथमिक विद्यालय, वन विभाग, जीआईसी, वन विभाग की पांचोंपीरन नर्सरी, मधुसूदन विद्यालय, भुलकी, लोलेपुर, एमएच इंटर कॉलेज, अहिमाने, दादूपुर प्राथमिक विद्यालय, पुलिस लाइंस, खैराबाद गर्ल्स जूनियर विद्यालय, बीएसए कार्यालय, पीडब्ल्यूडी निरीक्षण गृह, प्राइमरी विद्यालय देवगढ़ व लघु सिंचाई विभाग के अमहट स्टोर में लगाया गया है। एमएच इंटर कॉलेज का पीजो मीटर कूड़े से ढ़क दिया गया है जबकि प्राइमरी विद्यालय का पीजो मीटर सूख गया है।