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फिर टूटा टांडा-बांदा नेशनल हाईवे ओवरब्रिज का गर्डर

Wed, 06 Oct 2021 11:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:30 PM IST
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14.15.16. सुल्तानपुर में टांडा-बांदा राजमार्ग के ओवरब्रिज का टूटा गार्डर और टूटी सड़क। - फोटो : SULTANPUR
सुल्तानपुर। टांडा-बांदा नेशनल हाईवे पर शहर के पास सौरमऊ रेलवे क्रॉसिंग पर बने रेलवे ओवर ब्रिज का एक गर्डर फिर टूट गया है। यातायात संचालन के बाद व एनएचआई की ओर से सेतु को हैंडओवर लिए जाने के पहले अभी तक ब्रिज विभिन्न जगहों पर सात बार टूट चुका है। करीब 36 करोड़ की लागत से फोरलेन पर बने ब्रिज के बार-बार टूटने से घटिया निर्माण उजागर हुआ है। प्रकरण संज्ञान में आने पर एनएचएआई ने गंभीरता से लिया है।
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शहर के पास टांडा-बांदा हाईवे के पहले खंड में सौरमऊ रेलवे क्रॉसिंग पर निर्मित ओवर ब्रिज का घटिया निर्माण एक बार फिर उजागर हुआ है। रेलवे क्रॉसिंग पर बने ओवर ब्रिज का एक गार्डर बीच से टूट गया है। लोहे का गर्डर टूटने से ब्रिज की सड़क थोड़ी चौड़ाई व लंबाई में टूट गई है। गर्डर के पास लोहे की सरिया दिखने लगी है। टूटे गर्डर व उसके पास सड़क की मरम्मत नहीं कराने से सड़क और क्षतिग्रस्त होती जा रही है।
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ब्रिज पर लगे गए तीन अन्य लोहे के गार्डरों के पास सड़क टूटने लगी है। भारी वाहनों की आवाजाही से टूटे गर्डर के साथ अन्य गर्डरों पर सड़क टूटती जा रही है। सड़क व ब्रिज कंपनी की ओर से एनएचएआई को सड़क व ब्रिज हैंडओवर करने के पहले ही बार-बार ब्रिज टूटने व उखड़ने से कार्यदायी संस्था के कार्य की पोल खुल गई है। प्रकरण की जानकारी होने पर एनएचएआई ने इसे गंभीरता से लिया है। एनएचएआई ने ब्रिज का निरीक्षण करवाकर फर्म पर कार्रवाई व दोबारा उसकी मरम्मत कराने की बात कही है।
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करीब दो माह पहले टूटी थी ब्रिज की सड़क
करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से सौरमऊ रेलवे क्रॉसिंग पर बना ओवर ब्रिज इसके पहले भी छह बार विभिन्न जगहों पर टूट व उखड़ चुका है। अभी करीब दो माह पूर्व ब्रिज के एक लेन पर सड़क उखड़ गई थी। सड़क पर गड्ढा होने की सूचना एनएचएआई को मिलने के बाद इंजीनियरों ने निरीक्षण किया था। परियोजना निदेशक के निर्देश पर कार्यदायी संस्था ने सड़क की मरम्मत करवाई थी। मरम्मत के दौरान तीन दिनों तक वाहनों का संचालन एक लेन से होता रहा। घटिया निर्माण का हाल यह है कि ब्रिज पर कई जगह पैच लग चुका है।

इंजीनियरों से कराया जाएगा निरीक्षण
टांडा-बांदा एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसबी सिंह ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। इंजीनियरों से ब्रिज का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण में गार्डर व ब्रिज क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर कार्यदायी फर्म से मरम्मत कराई जाएगी। अभी ब्रिज को हैंडओवर नहीं लिया गया है।
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