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Sultanpur News: डीएपी के साथ अब गेहूं का बीज भी गायब
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सहकारी समिति
दोस्तपुर/सेमरी बाजार (सुल्तानपुर)। रबी की बोआई के समय समितियों से डीएपी के लिए मची मारामारी के बीच अब गेहूं के बीज भी गायब हो गए हैं। किसानों को बीज के लिए भटकना पड़ रहा है।
उर्वरक की किल्लत के बीच करीब 1800 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच गई है। शनिवार को 1450 मीट्रिक टन डीएपी की रैक फिर पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल, कृषि विभाग ने किसानों को धैर्य बनाए रखने को कहा है।
दोस्तपुर क्षेत्र की सहकारी समितियों में डीएपी नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों की मजबूरी का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। निजी दुकान एक बोरी डीएपी 1500 रुपये में बेच रहे हैं। नारा मधयीपुर निवासी किसान इंद्रजीत यादव, अनिल कुमार, छोटेलाल, लक्ष्मी यादव ने बताया कि समितियों पर उर्वरक के साथ गेहूं का बीज भी नहीं मिल रहा है।
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मजबूरी में लोग निजी दुकानदारों से उर्वरक व बीज खरीद रहे हैं। धनऊपुर निवासी सोनू शुक्ला ने बताया कि निजी दुकानों पर 1500 रुपये में डीएपी खरीदनी पड़ रही है।
केंद्र प्रभारी दोस्तपुर श्रवण कुमार ने बताया कि गेहूं बीज की मांग की गई है। चार दिन में बीज केंद्र पर आ जाएगा। जयसिंहपुर के साधन सहकारी समिति महमूदपुर सेमरी, कल्याणपुर, बिरसिंहपुर व भीखुपुर पर डीएपी खाद नदारद है। किसान डीएपी की खोज के लिए रोज गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं। किसान धर्मराज, मंगरू, दयाराम, गिरीश यादव, कुलदीप, अखिलेश, केदार, पवन वर्मा ने बताया कि डीएपी उर्वरक नहीं मिलने से गेहूं की बोआई पिछड़ रही है। खेत की नमी भी चली जा रही है।
आज मिली 273 मीट्रिक टन डीएपी
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि डीएपी की रैक आना शुरू हो गई है। 1500 मीट्रिक टन डीएपी पहले पहुंची थी। शुक्रवार को 273 मीट्रिक टन डीएपी अयोध्या से पहुंच गई। शनिवार को 1450 मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंच रही है। समितियों पर उर्वरक भेजी जा रही है। किसान धैर्य बनाए रखें उन्हें डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।
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उर्वरक की किल्लत के बीच करीब 1800 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच गई है। शनिवार को 1450 मीट्रिक टन डीएपी की रैक फिर पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल, कृषि विभाग ने किसानों को धैर्य बनाए रखने को कहा है।
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दोस्तपुर क्षेत्र की सहकारी समितियों में डीएपी नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों की मजबूरी का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं। निजी दुकान एक बोरी डीएपी 1500 रुपये में बेच रहे हैं। नारा मधयीपुर निवासी किसान इंद्रजीत यादव, अनिल कुमार, छोटेलाल, लक्ष्मी यादव ने बताया कि समितियों पर उर्वरक के साथ गेहूं का बीज भी नहीं मिल रहा है।
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मजबूरी में लोग निजी दुकानदारों से उर्वरक व बीज खरीद रहे हैं। धनऊपुर निवासी सोनू शुक्ला ने बताया कि निजी दुकानों पर 1500 रुपये में डीएपी खरीदनी पड़ रही है।
केंद्र प्रभारी दोस्तपुर श्रवण कुमार ने बताया कि गेहूं बीज की मांग की गई है। चार दिन में बीज केंद्र पर आ जाएगा। जयसिंहपुर के साधन सहकारी समिति महमूदपुर सेमरी, कल्याणपुर, बिरसिंहपुर व भीखुपुर पर डीएपी खाद नदारद है। किसान डीएपी की खोज के लिए रोज गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं। किसान धर्मराज, मंगरू, दयाराम, गिरीश यादव, कुलदीप, अखिलेश, केदार, पवन वर्मा ने बताया कि डीएपी उर्वरक नहीं मिलने से गेहूं की बोआई पिछड़ रही है। खेत की नमी भी चली जा रही है।
आज मिली 273 मीट्रिक टन डीएपी
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि डीएपी की रैक आना शुरू हो गई है। 1500 मीट्रिक टन डीएपी पहले पहुंची थी। शुक्रवार को 273 मीट्रिक टन डीएपी अयोध्या से पहुंच गई। शनिवार को 1450 मीट्रिक टन डीएपी की रैक पहुंच रही है। समितियों पर उर्वरक भेजी जा रही है। किसान धैर्य बनाए रखें उन्हें डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी।