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पुत्र की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा छठ व्रत
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14.15.16. सुल्तानपुर में गोमती नदी के किनारे छठ पूजा करतीं महिलाएं।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। जिले में शुक्रवार को छठ (हल छठ) का त्यौहार श्रद्धा व विश्वास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पुत्रों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख छठ माता की पूजा अर्चना की।
शहरी क्षेत्र की महिलाओं ने अपने-अपने घरों में छठ माता की पूजा अर्चना कर पुत्रों की दीर्घायु की कामना की। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं समूह बनाकर तालाब, पोखर, कुएं व मंदिरों के पास एक स्थान पर एकत्र हुईं। अलग-अलग समूह में एकत्र महिलाओं ने कुश गाड़कर ढाक का पत्ता, महुए का फल, तिन्नी का चावल, भैंस का दूध व उससे बने दही, चंदन आदि से विधिवत पूजा अर्चना की।
समूह में जुटी महिलाओं ने बारी-बारी से छठ माता की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद समूह की एक महिला ने सभी महिलाओं को छठ माता के महात्म्य की कथा सुनाई। पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने अपने पुत्रों की पीठ पर हल्दी की थाप मारी।
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पूजा स्थल पर जुटे बच्चों को महिलाओं ने पूड़ी का प्रसाद वितरित किया। दिन भर व्रत रखने के बाद महिलाओं ने शाम को तिन्नी का चावल, भैंस के दूध व दही का सेवन किया। शहर के सीताकुंड घाट पर महिलाओं ने समूह में इकट्ठा होकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्र के चांदा, लंभुआ, जयसिंहपुर, दूबेपुर, कादीपुर, भदैंया, दोस्तपुर आदि स्थानों पर महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु के लिए छठ माता की पूजा-अर्चना की।
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शहरी क्षेत्र की महिलाओं ने अपने-अपने घरों में छठ माता की पूजा अर्चना कर पुत्रों की दीर्घायु की कामना की। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं समूह बनाकर तालाब, पोखर, कुएं व मंदिरों के पास एक स्थान पर एकत्र हुईं। अलग-अलग समूह में एकत्र महिलाओं ने कुश गाड़कर ढाक का पत्ता, महुए का फल, तिन्नी का चावल, भैंस का दूध व उससे बने दही, चंदन आदि से विधिवत पूजा अर्चना की।
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समूह में जुटी महिलाओं ने बारी-बारी से छठ माता की विधि विधान से पूजा की। इसके बाद समूह की एक महिला ने सभी महिलाओं को छठ माता के महात्म्य की कथा सुनाई। पूजन-अर्चन के बाद महिलाओं ने अपने पुत्रों की पीठ पर हल्दी की थाप मारी।
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पूजा स्थल पर जुटे बच्चों को महिलाओं ने पूड़ी का प्रसाद वितरित किया। दिन भर व्रत रखने के बाद महिलाओं ने शाम को तिन्नी का चावल, भैंस के दूध व दही का सेवन किया। शहर के सीताकुंड घाट पर महिलाओं ने समूह में इकट्ठा होकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। ग्रामीण क्षेत्र के चांदा, लंभुआ, जयसिंहपुर, दूबेपुर, कादीपुर, भदैंया, दोस्तपुर आदि स्थानों पर महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु के लिए छठ माता की पूजा-अर्चना की।