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चिकित्सकों की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत

Thu, 13 Aug 2020 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 10:36 PM IST
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mother-child died during dilivery
सुल्तानपुर। शहर के एक नर्सिंगहोम के चिकित्सकों की लापरवाही से बुधवार को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मां-बच्चे की मौत से नाराज परिवारीजनों ने नर्सिंगहोम में जमकर हंगामा काटा। सूचना के बाद पहुंचे कोतवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर चिकित्सकों के साथ ही पीड़ित परिवारीजनों से पूछताछ की। पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर नर्सिंगहोम के दो चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
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कूरेभार थाना क्षेत्र के तिवारीपुर चंदौर गांव निवासी प्रदीप तिवारी की पत्नी पूनम तिवारी (35) गर्भवती थी। 11/12 अगस्त की देर रात पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजन लेकर कोतवाली नगर क्षेत्र के राहुल चौराहे के पास स्थित नर्सिंगहोम पहुंचे थे। नर्सिंगहोम में मौजूद चिकित्सकों ने पूनम को भर्ती कर लिया। बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे चिकित्सकों ने प्रसव कराया। प्रसव के बाद पूनम ने एक बच्ची को जन्म दिया। पैदा होने के करीब 20 मिनट बाद ही बच्ची की मौत हो गई।
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चिकित्सकों ने इसकी सूचना घर वालों को देते हुए पूनम की हालत खतरे से बाहर बताई। परिवारीजनों ने बच्ची के शव को दफना दिया। देर शाम पूनम की भी नर्सिंगहोम में मौत हो गई। पूनम की मौत होते ही परिवारीजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने के बाद रात में पहुंचे नगर कोतवाल ओमबीर सिंह चौहान ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजवा दिया।
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नगर कोतवाल ने नर्सिंगहोम में मौजूद चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्टाफ से पूछताछ की। इस बाबत नगर कोतवाल ने बताया कि मृतका के पति प्रदीप तिवारी की तहरीर पर जसलोक नर्सिंगहोम के चिकित्सक डॉ. वीके शुक्ला और डॉ. डीएस पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

पेट में ही मर गया था बच्चा
जसलोक नर्सिंगहोम के संचालक डीएस पांडेय ने कहा कि बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था। महिला जब भर्ती हुई थी तो उसे तेज बुखार था। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। नवजात का पोस्टमॉर्टम कराया गया होता तो बच्चे की पेट में ही मौत की बात साफ हो जाती।
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