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Sultanpur News: कटी माइनर की पटरी, 75 बीघा फसल जलमग्न
Fri, 03 Jan 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:32 AM IST
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खेतों में भरा माइनर का पानी
धनपतगंज (सुल्तानपुर)। शारदा सहायक खंड-16 से निकली माइनर की पटरी छीतू का पुरवा मजरे पड़रे के पास बुधवार रात कट गई। 50 किसानों की 75 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। सूचना के बाद भी विभागीय कर्मी नहीं पहुंचे तो किसानों ने खुद ही फावड़ा संभाला। दो घंटे की मशक्कत के बाद पानी बहाव पर काबू पाया। किसानों की आशंका है कि पानी भरने से खेती बर्बाद हो जाएगी।
स्थानीय पीरो सरैया से भाऊपुर के बीच से शारदा सहायक खंड-16 नहर से एक माइनर निकली है। छह दिन पहले ही जेसीबी से इस माइनर की सफाई की गई थी। छीतू का पुरवा मजरे पड़रे के पास माइनर में पानी पहुंचा तो कई खेतों में हल्का रिसाव हो रहा था। किसानों ने विभागीय कर्मियों को सूचना दी थी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने मेड़बंदी कर पानी रोकने का प्रयास किया था।
बुधवार रात अचानक माइनर की पटरी छीतू का पुरवा के पास कट गई। काफी लंबाई में पटरी कटने से माइनर का पानी तेज गति से किसानों के खेतों में घुसने लगा। सुबह जब किसानों ने देखा तो करीब 75 बीघा फसल जलमग्न थी। किसानों ने काफी प्रयास किया, जब पानी रोकने में असफल रहे तो सूचना शारदा सहायक खंड 16 के अधिकारियों को दी। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद पटरी बांधकर पानी को रोका। हालांकि अभी भी पटरी सही तरीके से नहीं बंध सकी है।
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गेहूं, सरसों व आलू की फसल पर मंडराया बर्बादी का खतरा
पानी भरने से खेतों में उगाई जा रही फसलें जलमग्न हो गईं। खासकर गेहूं, सरसों व आलू की फसलों पर बर्बादी का खतरा मंडराने लगा है। किसानों को आशंका है कि खेतों में भरे पानी को सूखने में 10 से 15 दिन का समय लगेगा। ऐसे में ये फसलें बर्बाद हो सकतीं हैं। पीड़ित किसान अमरेंद्र यादव ने बताया कि माइनर में पानी आने के बाद तीन दिन पहले आधी-अधूरी सफाई कराकर काम बंद कर दिया गया। उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसान तुलसीराम ने बताया कि उनकी गेहूं की करीब तीन बीघा फसल डूबी हुई है। पानी निकालने का कोई रास्ता नहीं है। फसल बर्बाद होने की आशंका से परेशान हैं। किसान आकाश कुमार ने बताया कि गेहूं, मटर, सरसों और आलू की फसल पानी से डूब गई है। किसान शांति देवी ने बताया कि गेहूं, मटर, सरसों की सिंचाई कर चुकी हैं। ऐसे में पानी भर जाने से आलू, मटर तो बर्बाद जाएगा। ग्राम प्रधान अजीज बेग ने कहा कि उन्होंने खुद अधिकारियों से पटरी कटाव की शिकायत की थी, लेकिन कोई देखने भी नहीं आया।
खेतों से पानी निकालने के लिए लगाया पंपिंग सेट
भीषण ठंड में किसान पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कुछ पानी खेत से निकल जाएगा तो हो सकता है कि फसल बर्बाद होने से बच जाए। खेतों में पानी ज्यादा भरने से किसानों का प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी प्रकरण की जानकारी नहीं थी, अधिकारियों की टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।- गामिनी सिंगला,उपजिलाधिकारी बल्दीराय
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स्थानीय पीरो सरैया से भाऊपुर के बीच से शारदा सहायक खंड-16 नहर से एक माइनर निकली है। छह दिन पहले ही जेसीबी से इस माइनर की सफाई की गई थी। छीतू का पुरवा मजरे पड़रे के पास माइनर में पानी पहुंचा तो कई खेतों में हल्का रिसाव हो रहा था। किसानों ने विभागीय कर्मियों को सूचना दी थी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने मेड़बंदी कर पानी रोकने का प्रयास किया था।
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बुधवार रात अचानक माइनर की पटरी छीतू का पुरवा के पास कट गई। काफी लंबाई में पटरी कटने से माइनर का पानी तेज गति से किसानों के खेतों में घुसने लगा। सुबह जब किसानों ने देखा तो करीब 75 बीघा फसल जलमग्न थी। किसानों ने काफी प्रयास किया, जब पानी रोकने में असफल रहे तो सूचना शारदा सहायक खंड 16 के अधिकारियों को दी। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद पटरी बांधकर पानी को रोका। हालांकि अभी भी पटरी सही तरीके से नहीं बंध सकी है।
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गेहूं, सरसों व आलू की फसल पर मंडराया बर्बादी का खतरा
पानी भरने से खेतों में उगाई जा रही फसलें जलमग्न हो गईं। खासकर गेहूं, सरसों व आलू की फसलों पर बर्बादी का खतरा मंडराने लगा है। किसानों को आशंका है कि खेतों में भरे पानी को सूखने में 10 से 15 दिन का समय लगेगा। ऐसे में ये फसलें बर्बाद हो सकतीं हैं। पीड़ित किसान अमरेंद्र यादव ने बताया कि माइनर में पानी आने के बाद तीन दिन पहले आधी-अधूरी सफाई कराकर काम बंद कर दिया गया। उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसान तुलसीराम ने बताया कि उनकी गेहूं की करीब तीन बीघा फसल डूबी हुई है। पानी निकालने का कोई रास्ता नहीं है। फसल बर्बाद होने की आशंका से परेशान हैं। किसान आकाश कुमार ने बताया कि गेहूं, मटर, सरसों और आलू की फसल पानी से डूब गई है। किसान शांति देवी ने बताया कि गेहूं, मटर, सरसों की सिंचाई कर चुकी हैं। ऐसे में पानी भर जाने से आलू, मटर तो बर्बाद जाएगा। ग्राम प्रधान अजीज बेग ने कहा कि उन्होंने खुद अधिकारियों से पटरी कटाव की शिकायत की थी, लेकिन कोई देखने भी नहीं आया।
खेतों से पानी निकालने के लिए लगाया पंपिंग सेट
भीषण ठंड में किसान पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कुछ पानी खेत से निकल जाएगा तो हो सकता है कि फसल बर्बाद होने से बच जाए। खेतों में पानी ज्यादा भरने से किसानों का प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी प्रकरण की जानकारी नहीं थी, अधिकारियों की टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा, उसकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।- गामिनी सिंगला,उपजिलाधिकारी बल्दीराय