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माइनर कटने से 50 बीघे फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:41 AM IST
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कठौरा महुआ बोझ गांव के पास से गुजरी माइनर शनिवार भोर अचानक कट गई। माइनर कटने से आसपास के करीब 50 बीघे खेत जलमग्न हो गए। बोए गए खेतों में जलभराव से करीब ढाई लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। किसानों की सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर किसानों में रोष है।
शारदा सहायक खंड-28 से निकली सिंदुरवा रजबहा क्षेत्र के महुआ बोझ मजरे कठौरा गांव से होकर गुजरी है।
शनिवार की भोर माइनर अचानक कट गई। कटान के बाद माइनर के पानी ने खेतों की ओर रुख कर लिया। सुबह से माइनर का पानी लगातार खेतों में बहता रहा। इससे माइनर के आसपास स्थित करीब 50 बीघा खेेत जलमग्न हो गया। इस समय खेतों में गेहूं की बोआई की गई है। खेत में पानी भर जाने से फसल नष्ट हो जाएगी। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग खंड-28 के अधिकारियों को दी।
जानकारी के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझा। दोपहर बाद सींचपाल लाल बहादुर मौके पर पहुंचा, उसने भी माइनर कटान की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने कटान को रोकने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। गांव के फारूख, हफीजुल हसन, मो. वहीद समेत 18 किसानों की 50 बीघे के करीब खेत जलमग्न हुए हैं। किसानों के मुताबिक माइनर कटने से कुल मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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शारदा सहायक खंड-28 से निकली सिंदुरवा रजबहा क्षेत्र के महुआ बोझ मजरे कठौरा गांव से होकर गुजरी है।
शनिवार की भोर माइनर अचानक कट गई। कटान के बाद माइनर के पानी ने खेतों की ओर रुख कर लिया। सुबह से माइनर का पानी लगातार खेतों में बहता रहा। इससे माइनर के आसपास स्थित करीब 50 बीघा खेेत जलमग्न हो गया। इस समय खेतों में गेहूं की बोआई की गई है। खेत में पानी भर जाने से फसल नष्ट हो जाएगी। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग खंड-28 के अधिकारियों को दी।
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जानकारी के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझा। दोपहर बाद सींचपाल लाल बहादुर मौके पर पहुंचा, उसने भी माइनर कटान की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने कटान को रोकने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। गांव के फारूख, हफीजुल हसन, मो. वहीद समेत 18 किसानों की 50 बीघे के करीब खेत जलमग्न हुए हैं। किसानों के मुताबिक माइनर कटने से कुल मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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