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Sultanpur News: फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाने पर होगी एफआईआर
Mon, 09 Feb 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:20 AM IST
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सुल्तानपुर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा का लाभ लेने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाने वालों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। ऐसे मामलों में केवल आवेदन निरस्त करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संबंधित अभिभावक के साथ प्रमाण पत्र बनाने वालों पर भी एफआईआर दर्ज होगा।
जिले में दो फरवरी से आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, जाे 16 फरवरी तक चलेगी। 20 फरवरी को पहले चरण का दाखिला आदेश जारी होगा। इस बार 855 निजी विद्यालयों में 6500 बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य मिला है। जिला समन्वयक योगेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक करीब 300 आवेदन आए हैं। इस बार आरटीई आवेदन में लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच कराई जाएगी।
बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों का तहसील रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा। प्रमाण पत्र संदिग्ध या फर्जी निकलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अब तक फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर सिर्फ आवेदन निरस्त किया जाता था, जिससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ रहे थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस पर प्रभावी रोक लगेगी।
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इनसेट
ऐसे चलता है फर्जी प्रमाण पत्र का खेल
जांच में सामने आया है कि कुछ जन सेवा केंद्रों पर आय प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर अभिभावकों से पैसे लेकर ऐसे प्रमाण पत्र दे दिए जाते हैं, जिनकी प्रमाण संख्या तहसील रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं होती। सत्यापन के दौरान यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है।
सही आय प्रमाण पत्र ऐसे बनवाएं
सरकारी पोर्टल से जुड़े जन सेवा केंद्र से ही आवेदन करें और रसीद लें
तहसील कार्यालय में लेखपाल या संबंधित अधिकारी के माध्यम से आवेदन करें
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना सुरक्षित तरीका है
प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड या यूनिक नंबर अवश्य जांचें
पोर्टल पर जाकर स्वयं सत्यापन करें
बिना रसीद या रिकॉर्ड वाले प्रमाण पत्र स्वीकार न करें और बिचौलियों से बचें
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जिले में दो फरवरी से आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, जाे 16 फरवरी तक चलेगी। 20 फरवरी को पहले चरण का दाखिला आदेश जारी होगा। इस बार 855 निजी विद्यालयों में 6500 बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य मिला है। जिला समन्वयक योगेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक करीब 300 आवेदन आए हैं। इस बार आरटीई आवेदन में लगाए गए आय प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच कराई जाएगी।
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बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रमाण पत्र नंबरों का तहसील रिकॉर्ड से मिलान कराया जाएगा। प्रमाण पत्र संदिग्ध या फर्जी निकलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अब तक फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर सिर्फ आवेदन निरस्त किया जाता था, जिससे गलत तरीके से लाभ लेने वालों के हौसले बढ़ रहे थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस पर प्रभावी रोक लगेगी।
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ऐसे चलता है फर्जी प्रमाण पत्र का खेल
जांच में सामने आया है कि कुछ जन सेवा केंद्रों पर आय प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर अभिभावकों से पैसे लेकर ऐसे प्रमाण पत्र दे दिए जाते हैं, जिनकी प्रमाण संख्या तहसील रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं होती। सत्यापन के दौरान यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है।
सही आय प्रमाण पत्र ऐसे बनवाएं
सरकारी पोर्टल से जुड़े जन सेवा केंद्र से ही आवेदन करें और रसीद लें
तहसील कार्यालय में लेखपाल या संबंधित अधिकारी के माध्यम से आवेदन करें
यूपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना सुरक्षित तरीका है
प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड या यूनिक नंबर अवश्य जांचें
पोर्टल पर जाकर स्वयं सत्यापन करें
बिना रसीद या रिकॉर्ड वाले प्रमाण पत्र स्वीकार न करें और बिचौलियों से बचें