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रेलवे अस्पताल में दूर हुई दवाओं की कमी
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सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से दवाओं का स्टॉक ले जाते रेलवे स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : SULTANPUR
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सुुल्तानपुर। रेलवे अस्पताल में महीनों से चल रही दवाओं की कमी शुक्रवार को दूर हो गई। स्टेशन के एक दिवसीय निरीक्षण पर बृहस्पतिवार को आए डीआरएम के निर्देश पर शुक्रवार को लखनऊ से दवाओं का स्टॉक हिमगिरि डाउन एक्सप्रेस से स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से दवाओं का स्टॉक रेलवे अस्पताल भेजा गया।
रेलवे अस्पताल में कुछ माह से दवाओं का टोटा चल रहा था। अस्पताल में करीब दो हजार रेल कर्मचारियों व उनके परिवारीजन उपचार कराने के लिए आते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 40 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी जाती हैं। हर महीने करीब 1200 मरीजों का उपचार यहां किया जाता है। अस्पताल में कुछ महीनों से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैल्शियम, गैस, वायरल बुखार, खांसी, आयरन समेत अन्य जरूरी दवाएं व इंजेक्शन खत्म हो गए थे। इससे इलाज कराने वाले लोगों को मजबूरी में बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। इस मामले की शिकायत एनआरएमयू के शाखा मंत्री सुरेश चंद्र द्विवेदी ने महिला सीएमएस से भी की थी।
लखनऊ डीआरएम एसके सपरा ने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। उन्हें भी पता चला कि रेलवे अस्पताल में इलाज कराने वाले रेल कर्मचारियों व उनके परिवारीजनों को दवाएं नहीं मिल रही है। डीआरएम ने रेलवे अस्पताल में तत्काल दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश रेलवे अस्पताल की सीएमएस को दिया था। इसके बाद सुल्तानपुर रेलवे हेल्थ यूनिट से तीन लोगों का स्टाफ लखनऊ दवा लाने के लिए भेजा गया। शुक्रवार की शाम लखनऊ से हिमगिरि डाउन एक्सप्रेस से दवाओं का स्टॉक लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का स्टाफ सुल्तानपुर पहुंचा।
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रेलवे अस्पताल में कुछ माह से दवाओं का टोटा चल रहा था। अस्पताल में करीब दो हजार रेल कर्मचारियों व उनके परिवारीजन उपचार कराने के लिए आते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 40 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी जाती हैं। हर महीने करीब 1200 मरीजों का उपचार यहां किया जाता है। अस्पताल में कुछ महीनों से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैल्शियम, गैस, वायरल बुखार, खांसी, आयरन समेत अन्य जरूरी दवाएं व इंजेक्शन खत्म हो गए थे। इससे इलाज कराने वाले लोगों को मजबूरी में बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। इस मामले की शिकायत एनआरएमयू के शाखा मंत्री सुरेश चंद्र द्विवेदी ने महिला सीएमएस से भी की थी।
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लखनऊ डीआरएम एसके सपरा ने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। उन्हें भी पता चला कि रेलवे अस्पताल में इलाज कराने वाले रेल कर्मचारियों व उनके परिवारीजनों को दवाएं नहीं मिल रही है। डीआरएम ने रेलवे अस्पताल में तत्काल दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश रेलवे अस्पताल की सीएमएस को दिया था। इसके बाद सुल्तानपुर रेलवे हेल्थ यूनिट से तीन लोगों का स्टाफ लखनऊ दवा लाने के लिए भेजा गया। शुक्रवार की शाम लखनऊ से हिमगिरि डाउन एक्सप्रेस से दवाओं का स्टॉक लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का स्टाफ सुल्तानपुर पहुंचा।
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