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कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे मासूम
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सुल्तानपुर। ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सर्दी से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी की चपेट में आकर मासूम कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम और खांसी का शिकार होकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। 26 दिनों में कोल्ड डायरिया से पीड़ित 35 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती हुए। इसमें से चार बच्चों का अभी इलाज चल रहा है।
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में कोल्ड डायरिया से पीड़ित दरियापुर निवासी दिलशाद का बेटा गुलशेर (2), सैफुल्लागंज के गनेशपुर निवासी जगदीश का पुत्र डेढ़ वर्षीय पुत्र सूर्यांश, रामनगर इमिलिया निवासी प्रदीप सिंह की छह वर्षीय बेटी पीहू और पांचोपीरन निवासी तहसीन का पुत्र आमीन (9) का इलाज चिल्ड्रेन वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड का असर बच्चों पर ज्यादा होता है। वर्तमान समय में ओपीडी व इमरजेंसी में कोल्ड डायरिया के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं।
बच्चों का रखें ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधाकर सिंह बताते हैं कि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एहतियात बेहद जरूरी है। सर्दी की वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, खांसी की चपेट में आ जाते हैं। मौजूदा समय में सर्दी, जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है।
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बच्चों के कमरे में हीटर न जलाएं: सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल बताते हैं कि बच्चों के कमरे में हीटर, ब्लोअर न चलाएं। इससे कमरा तो गर्म हो जाएगा, लेकिन हवा की नमी खत्म होने से सूखापन आ जाता है। इससे बच्चों की सांस की नली में सूजन आ जाती है और उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। बच्चों का बचाव गरम कपड़ों से ही करें।
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में कोल्ड डायरिया से पीड़ित दरियापुर निवासी दिलशाद का बेटा गुलशेर (2), सैफुल्लागंज के गनेशपुर निवासी जगदीश का पुत्र डेढ़ वर्षीय पुत्र सूर्यांश, रामनगर इमिलिया निवासी प्रदीप सिंह की छह वर्षीय बेटी पीहू और पांचोपीरन निवासी तहसीन का पुत्र आमीन (9) का इलाज चिल्ड्रेन वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड का असर बच्चों पर ज्यादा होता है। वर्तमान समय में ओपीडी व इमरजेंसी में कोल्ड डायरिया के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं।
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बच्चों का रखें ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधाकर सिंह बताते हैं कि बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एहतियात बेहद जरूरी है। सर्दी की वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, खांसी की चपेट में आ जाते हैं। मौजूदा समय में सर्दी, जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है।
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बच्चों के कमरे में हीटर न जलाएं: सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल बताते हैं कि बच्चों के कमरे में हीटर, ब्लोअर न चलाएं। इससे कमरा तो गर्म हो जाएगा, लेकिन हवा की नमी खत्म होने से सूखापन आ जाता है। इससे बच्चों की सांस की नली में सूजन आ जाती है और उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है। बच्चों का बचाव गरम कपड़ों से ही करें।