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Sultanpur News: झाड़ियों में फेंक दीं पशुओं के टीकाकरण के लिए मिली चार बोरी दवाएं
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बल्दीराय के हलियापुर पशु अस्पताल के पास झाड़ी में फेंकी गई दवाएं।
- फोटो : बल्दीराय के हलियापुर पशु अस्पताल के पास झाड़ी में फेंकी गई दवाएं।
सुल्तानपुर। बल्दीराय तहसील के हलियापुर में पशुओं की चार बोरी दवाएं झाड़ियों में फेंक दी गईं। शनिवार को पशु अस्पताल के पास झाड़ियों में दवाएं पड़ी देखकर ग्रामीणों ने जिम्मेदारों को सूचना दी। आरोप है कि टीम पहुंचने से पहले ही दवाएं गायब कर दी गईं।
क्षेत्र के कई गांवों में पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि खुरपका-मुंहपका, गलाघोंटू और लंपी जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए वैक्सीन हलियापुर पशु अस्पताल भेजी गई थी। टीकाकरण नहीं होने व पशुओं के बीमार होने पर शनिवार को किसान दिनेश प्रताप सिंह, रणविजय सिंह और प्रहलाद सिंह पशु अस्पताल आए थे। बताया कि उनके जानवर कई दिनों से बीमार हैं। अस्पताल के डॉक्टर आए दिन गायब रहते हैं। इसके चलते दवा भी नहीं मिलती है। इसी बीच इन किसानों को अस्पताल से बाहर झाड़ियों में चार बोरी दवाएं मिलीं। इनकी वैधता वर्ष 2025 और 2026 तक थी। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने मवेशियों के टीकाकरण से बचने के लिए इन दवाओं को फेंकवा दिया है। इस संबंध में पशुधन प्रसार अधिकारी धीरेंद्र प्रताप से बात की गई तो उन्होंने दवाओं के फेंके जाने की जानकारी होने से इन्कार किया।
कराई जाएगी जांच
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि हलियापुर पशु अस्पताल की फेंकी गई दवाओं की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के कई गांवों में पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि खुरपका-मुंहपका, गलाघोंटू और लंपी जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए वैक्सीन हलियापुर पशु अस्पताल भेजी गई थी। टीकाकरण नहीं होने व पशुओं के बीमार होने पर शनिवार को किसान दिनेश प्रताप सिंह, रणविजय सिंह और प्रहलाद सिंह पशु अस्पताल आए थे। बताया कि उनके जानवर कई दिनों से बीमार हैं। अस्पताल के डॉक्टर आए दिन गायब रहते हैं। इसके चलते दवा भी नहीं मिलती है। इसी बीच इन किसानों को अस्पताल से बाहर झाड़ियों में चार बोरी दवाएं मिलीं। इनकी वैधता वर्ष 2025 और 2026 तक थी। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने मवेशियों के टीकाकरण से बचने के लिए इन दवाओं को फेंकवा दिया है। इस संबंध में पशुधन प्रसार अधिकारी धीरेंद्र प्रताप से बात की गई तो उन्होंने दवाओं के फेंके जाने की जानकारी होने से इन्कार किया।
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कराई जाएगी जांच
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि हलियापुर पशु अस्पताल की फेंकी गई दवाओं की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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