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Sultanpur News: छात्राओं को खेल में कॅरिअर बनाने के गुर बताए
Sun, 23 Aug 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:39 AM IST
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एमजीएस इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद बालिकाएं। संवाद
सुल्तानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शनिवार को शहर के महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को खेल में कॅरिअर बनाने, आत्मनिर्भर बनने और आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। खेल विशेषज्ञों ने बालिकाओं को खेल जगत में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम में बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न खेल विधाओं में उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और समर्पण से सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने छात्राओं को खेल को गंभीरता से लेने की सलाह दी।
क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि खिलाड़ी के अलावा कोच, रेफरी या खेल प्रबंधन में भी असीमित अवसर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के महत्व पर जोर दिया। इन मंचों से खिलाड़ी अपनी पहचान बना सकते हैं। खेल विशेषज्ञों ने बताया कि बालिकाएं खेल जगत में बालकों से कमतर नहीं हैं। वे अपने दम-खम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंच सकती हैं। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक कॅरिअर का मार्ग भी है। खेलों में जीते मेडल के दम पर सरकारी नौकरी भी हासिल की जा सकती है। जिला क्रीड़ाधिकारी ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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जिला क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम में बालिकाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न खेल विधाओं में उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और समर्पण से सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने छात्राओं को खेल को गंभीरता से लेने की सलाह दी।
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क्रीड़ाधिकारी ने बताया कि खिलाड़ी के अलावा कोच, रेफरी या खेल प्रबंधन में भी असीमित अवसर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के महत्व पर जोर दिया। इन मंचों से खिलाड़ी अपनी पहचान बना सकते हैं। खेल विशेषज्ञों ने बताया कि बालिकाएं खेल जगत में बालकों से कमतर नहीं हैं। वे अपने दम-खम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंच सकती हैं। खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक कॅरिअर का मार्ग भी है। खेलों में जीते मेडल के दम पर सरकारी नौकरी भी हासिल की जा सकती है। जिला क्रीड़ाधिकारी ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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