{"_id":"60d767d48ebc3edfe35791bf","slug":"farmers-protested-in-collectorate-against-agriculture-law-sultanpur-news-lko5842834116","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि कानून के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि कानून के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। कृषि कानून के विरोध में शनिवार को किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ नारेबाजी करते हुए काला दिवस मनाया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसानों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ नारे के साथ काला दिवस मनाया।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के जिला संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने कहा कि किसान आंदोलन के छह माह पूरे हो चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की मांग नहीं मानकर तानाशाही रवैया अपना रही है।
विज्ञापन
यह किसानों और लोकतंत्र का अपमान है। किसान नेता राधेश्याम वर्मा ने कहा कि किसानों की यह लड़ाई आम जनता की रोटी को बचाने की लड़ाई है। किसान नेता रामप्यारे वर्मा ने कहा कि धान की रोपाई के बाद आने वाले दिनों में किसान आंदोलन और तेज किया जाएगा।
राज बहादुर यादव ने कहा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाय। मो. सैफ ने कहा कि यह किसान आंदोलन तानाशाही सरकार के खिलाफ़ एक इबारत लिखेगा। आंदोलन का समर्थन एसएफआई, एआईएसएफ, डीवाईएफआई, एआईवाईएफ ने किया।
इस मौके पर रमाशंकर चौधरी, जवाहर लाल, मो. नईम, रामबहादुर यादव, शफीक, संतोष पांडेय, विवेक विक्रम सिंह, शशांक पांडेय, सौरभ मिश्रा, श्रीकृष्ण बरनवाल, राममूरत वर्मा समेत कई किसान मौजूद रहे। उधर, भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश शुक्ल की अगुवाई में भी कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया।
विज्ञापन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसानों ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ नारे के साथ काला दिवस मनाया।
विज्ञापन
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के जिला संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने कहा कि किसान आंदोलन के छह माह पूरे हो चुके हैं लेकिन सरकार किसानों की मांग नहीं मानकर तानाशाही रवैया अपना रही है।
विज्ञापन
यह किसानों और लोकतंत्र का अपमान है। किसान नेता राधेश्याम वर्मा ने कहा कि किसानों की यह लड़ाई आम जनता की रोटी को बचाने की लड़ाई है। किसान नेता रामप्यारे वर्मा ने कहा कि धान की रोपाई के बाद आने वाले दिनों में किसान आंदोलन और तेज किया जाएगा।
राज बहादुर यादव ने कहा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाय। मो. सैफ ने कहा कि यह किसान आंदोलन तानाशाही सरकार के खिलाफ़ एक इबारत लिखेगा। आंदोलन का समर्थन एसएफआई, एआईएसएफ, डीवाईएफआई, एआईवाईएफ ने किया।
इस मौके पर रमाशंकर चौधरी, जवाहर लाल, मो. नईम, रामबहादुर यादव, शफीक, संतोष पांडेय, विवेक विक्रम सिंह, शशांक पांडेय, सौरभ मिश्रा, श्रीकृष्ण बरनवाल, राममूरत वर्मा समेत कई किसान मौजूद रहे। उधर, भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश शुक्ल की अगुवाई में भी कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया।