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Sultanpur News: भरत मिलाप देख नम हुईं आंखें, गूंजे जयकारे
Mon, 26 Oct 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:40 AM IST
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करौंदीकला। बांगरकला में तीन दिवसीय रामलीला का मंचन हुआ। राम-केवट संवाद, राम-भरत समागम और रावण-मारीच संवाद का मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
रामलीला में शनिवार रात श्रीराम, सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुंचे। केवट ने उनके चरण धोकर ही नाव पर चढ़ाने की बात कही। कलाकारों के जीवंत मंचन पर जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। भरत मिलाप की लीला ने सभी की आंखें नम कर दीं। भरत ने श्रीराम से चरण पादुका मांगी। रावण ने शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए मारीच से सोने का हिरण बनने को कहा। मारीच ने रावण को समझाया कि राम स्वयं नारायण हैं, उनसे बैर न लें। रावण के अहंकार के आगे मारीच की एक न चली और उसे सोने का मृग बनना पड़ा। इस लीला से दर्शकों को अहंकार के विनाशकारी परिणाम का संदेश दिया गया। इस मौके पर ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि राजू सिंह सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। संवाद
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रामलीला में शनिवार रात श्रीराम, सीता और लक्ष्मण गंगा तट पर पहुंचे। केवट ने उनके चरण धोकर ही नाव पर चढ़ाने की बात कही। कलाकारों के जीवंत मंचन पर जय श्रीराम के जयकारे गूंज उठे। भरत मिलाप की लीला ने सभी की आंखें नम कर दीं। भरत ने श्रीराम से चरण पादुका मांगी। रावण ने शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए मारीच से सोने का हिरण बनने को कहा। मारीच ने रावण को समझाया कि राम स्वयं नारायण हैं, उनसे बैर न लें। रावण के अहंकार के आगे मारीच की एक न चली और उसे सोने का मृग बनना पड़ा। इस लीला से दर्शकों को अहंकार के विनाशकारी परिणाम का संदेश दिया गया। इस मौके पर ग्राम प्रशासक प्रतिनिधि राजू सिंह सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। संवाद