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Sultanpur News: आरक्षण ने फिर बिगाड़ा दिग्गजों का खेल
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दोस्तपुर नगर पंचायत।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। दोस्तपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण ने दिग्गजों का खेल बिगाड़ दिया है। लगातार दूसरी बार पद आरक्षित होने के बाद खासकर सामान्य वर्ग के दिग्गज चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं। इसमें तीन बार के अध्यक्ष समेत अन्य लोग भी शामिल हैं। अब चुनाव मैदान में नए चेहरों के साथ कुछ पुराने लोग उतरने की तैयारी में हैं। यहां का सियासी माहौल पूर्व में नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुकी व लड़ चुकीं महिलाओं के अनुकूल हो गया है।
शासन ने नगर पंचायत का अध्यक्ष पद लगातार दूसरी बार आरक्षित कर दिया है। वर्ष 2017 में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा। इस बार शासन ने पद को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दिया है। लगातार दो बार पद आरक्षित होने से सामान्य सीट होने की उम्मीद लगाए दिग्गजों के मंसूबे धराशाई हो गए।
महीनों से चल रहीं उनकी तैयारियों पर पानी फिर गया है। नगर पंचायत के गठन के बाद शुरुआती दौर में लगातार तीन बार चेयरमैन रहे मिथिलेश कुमार मिश्र मुन्ना इस बार सामान्य सीट होने की उम्मीद में मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा कस्बे के तीन बार सभासद रहे राजेश तिवारी व अभिषेक उपाध्याय भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
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शासन की ओर से सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दिए जाने से दावेदारों का खेल बिगड़ गया है। अब नए चेहरों के साथ पूर्व में उतर चुकीं कुछ महिलाएं फिर किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। एक बार चेयरमैन रह चुकीं बिस्मिल्लाह खातून ने फिर मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। वे एक बार चुनाव हार भी चुकी हैं। इसके अलावा पूर्व के चुनावों में परास्त हो चुकीं एरावती शर्मा, मंजू देवी फिर किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। कस्बे की रंजू कसौधन, श्वेता सोनी, कैशरीन जहां, जमीला सलमानी समेत कुछ और चेहरे मैदान में उतरने की फिराक में हैं।
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शासन ने नगर पंचायत का अध्यक्ष पद लगातार दूसरी बार आरक्षित कर दिया है। वर्ष 2017 में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा। इस बार शासन ने पद को पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दिया है। लगातार दो बार पद आरक्षित होने से सामान्य सीट होने की उम्मीद लगाए दिग्गजों के मंसूबे धराशाई हो गए।
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महीनों से चल रहीं उनकी तैयारियों पर पानी फिर गया है। नगर पंचायत के गठन के बाद शुरुआती दौर में लगातार तीन बार चेयरमैन रहे मिथिलेश कुमार मिश्र मुन्ना इस बार सामान्य सीट होने की उम्मीद में मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा कस्बे के तीन बार सभासद रहे राजेश तिवारी व अभिषेक उपाध्याय भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
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शासन की ओर से सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दिए जाने से दावेदारों का खेल बिगड़ गया है। अब नए चेहरों के साथ पूर्व में उतर चुकीं कुछ महिलाएं फिर किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। एक बार चेयरमैन रह चुकीं बिस्मिल्लाह खातून ने फिर मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। वे एक बार चुनाव हार भी चुकी हैं। इसके अलावा पूर्व के चुनावों में परास्त हो चुकीं एरावती शर्मा, मंजू देवी फिर किस्मत आजमाने की तैयारी में हैं। कस्बे की रंजू कसौधन, श्वेता सोनी, कैशरीन जहां, जमीला सलमानी समेत कुछ और चेहरे मैदान में उतरने की फिराक में हैं।