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टपक और बौछारी सिंचाई से गन्ने का होगा बेहतर उत्पादन : डीएचओ
Wed, 30 Apr 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:50 AM IST
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कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देते जिला उद्यान अधिकारी।
सुल्तानपुर। कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे तीन दिवसीय मुख्यमंत्री गन्ना कृषक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन मंगलवार को मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि टपक और बौछारी सिंचाई के लिए किसान उद्यान विभाग में आवेदन कर सकते हैं। इसमें अनुदान 80 से 90 फीसदी अनुदान दिया जाता है। वहीं, अंबेडकरनगर चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजय सिंह ने पेड़ी प्रबंधन के साथ ही चीनी मिल की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने गन्ना में एकीकृत कीट, रोग प्रबंधन के साथ ही सहफसली खेती की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने मास्टर ट्रेनरों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया।
प्रगतिशील किसान जय प्रकाश मिश्र और धनंजय सिंह, हैदरगढ़ चीनी मिल के उप गन्ना विकास अधिकारी कामेश्वर सिंह, अंबेडकरनगर चीनी मिल के उप गन्ना विकास अधिकारी उमा शंकर पांडेय, सुल्तानपुर के गन्ना पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, राजेश कुमार, कृष्ण देव त्रिपाठी, राधेश्याम, रुचि सिंह विसेन और प्रणवेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि टपक और बौछारी सिंचाई के लिए किसान उद्यान विभाग में आवेदन कर सकते हैं। इसमें अनुदान 80 से 90 फीसदी अनुदान दिया जाता है। वहीं, अंबेडकरनगर चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक संजय सिंह ने पेड़ी प्रबंधन के साथ ही चीनी मिल की ओर से दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने गन्ना में एकीकृत कीट, रोग प्रबंधन के साथ ही सहफसली खेती की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने मास्टर ट्रेनरों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया।
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प्रगतिशील किसान जय प्रकाश मिश्र और धनंजय सिंह, हैदरगढ़ चीनी मिल के उप गन्ना विकास अधिकारी कामेश्वर सिंह, अंबेडकरनगर चीनी मिल के उप गन्ना विकास अधिकारी उमा शंकर पांडेय, सुल्तानपुर के गन्ना पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, राजेश कुमार, कृष्ण देव त्रिपाठी, राधेश्याम, रुचि सिंह विसेन और प्रणवेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।
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