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Sultanpur News: आदि गंगा गोमती में आस्था की डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु
Tue, 28 Jan 2025 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:59 PM IST
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सुल्तानपुर। मौनी अमावस्या पर्व पर बुधवार को स्नान के लिए शहर के सीताकुंड, बरौंसा में दियरा घाट व लंभुआ में धोपाप आदि स्थलों पर आदि गंगा गोमती के तटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। गोमती मित्र मंडल की पहल पर नगर पालिका प्रशासन ने गोमती में जाने वाले नालों के पानी को बंद करा दिया है।
शहर के सीताकुंड स्थित आदि गंगा गोमती नदी में मौनी अमावस्या पर्व पर डुबकी लगाने के लिए जिले के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सहायता के लिए शिविर लगाने की तैयारी कर रखी है। सीताकुंड क्षेत्र में गोमती तट से लेकर सिविल लाइन इलाके तक दशकों से मौनी अमावस्या पर मेला लगता चला आ रहा है। नगर पालिका की ओर से सीताकुंड धाम पर बैरिकेडिंग समेत अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां पर कोई भी त्योहार हो, गोमती मित्र मंडल परिवार पहली पंक्ति में खड़ा रहता है। प्रदेश अध्यक्ष रुद प्रताप सिंह मदन और मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी बताते हैं कि गोमती नदी में नालों का पानी जाता था। इसे बंद कराने के लिए संयुक्त मोर्चा के बैनर तले ज्ञापन यात्रा तक निकाली गई थी।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नदी में नालों का पानी रोकने की मांग की गई थी। अब मौनी अमावस्या का स्नान श्रद्धालु गोमती के स्वच्छ जल से करेंगे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए गोमती मित्र मंडल के पदाधिकारी और सदस्य तैनात रहेंगे।
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शहर के सीताकुंड स्थित आदि गंगा गोमती नदी में मौनी अमावस्या पर्व पर डुबकी लगाने के लिए जिले के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सहायता के लिए शिविर लगाने की तैयारी कर रखी है। सीताकुंड क्षेत्र में गोमती तट से लेकर सिविल लाइन इलाके तक दशकों से मौनी अमावस्या पर मेला लगता चला आ रहा है। नगर पालिका की ओर से सीताकुंड धाम पर बैरिकेडिंग समेत अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां पर कोई भी त्योहार हो, गोमती मित्र मंडल परिवार पहली पंक्ति में खड़ा रहता है। प्रदेश अध्यक्ष रुद प्रताप सिंह मदन और मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी बताते हैं कि गोमती नदी में नालों का पानी जाता था। इसे बंद कराने के लिए संयुक्त मोर्चा के बैनर तले ज्ञापन यात्रा तक निकाली गई थी।
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जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नदी में नालों का पानी रोकने की मांग की गई थी। अब मौनी अमावस्या का स्नान श्रद्धालु गोमती के स्वच्छ जल से करेंगे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए गोमती मित्र मंडल के पदाधिकारी और सदस्य तैनात रहेंगे।
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