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मंत्री गायत्री के साथ गैंगरेप में फंसा लेखपाल निलंबित
Amarujala Bureau
Updated Sun, 05 Mar 2017 09:56 PM IST
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जिला प्रशासन की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति पर शिकंजा कसने के बाद आखिर तहसील प्रशासन की नींद भी टूटी। एसडीएम ने गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट मामले में मंत्री के साथ शामिल आरोपी लेखपाल अशोक तिवारी को निलंबित कर दिया है। एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से उसका वेतन रोकते हुए नायब तहसीलदार को जांच सौंपी है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति, चंद्रपाल, विकास वर्मा, लेखपाल अशोक तिवारी, रूपेश्वर उर्फ रूपेश, आशीष शुक्ला, अमरेंद्र सिंह पिंटू के विरुद्ध मां-बेटी की शिकायत पर गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। मतदान के दिन तक अमेठी में दिखने वाले सभी आरोपी फरार चल रहे हैं। घटना में आरोपी अशोक तिवारी अमेठी तहसील में लेखपाल है।
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इन दिनों उसकी तैनाती अमेठी के कोरारी लच्छनशाह गांव में थी। अशोक तिवारी नौकरी कम सियासत ज्यादा करता था। चुनाव प्रचार के दौरान उसकी तमाम शिकायतें मिली थीं। इसी वजह से जिला निर्वाचन अधिकारी ने उसे निर्वाचन कार्य में नहीं लगाया था। उसकी गतिविधियों की जांच तहसीलदार भी कर रहे थे। तहसीलदार की जांच में यह पता चला था कि वह जनवरी से अपने क्षेत्र में कार्य नहीं कर रहा है। दो मार्च को प्रस्तुत तहसीलदार की रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम अशोक कनौजिया ने उसे निलंबित कर दिया है। साथ ही तत्काल प्रभाव से उसका वेतन रोकते हुए विभागीय कारवाई के लिए आदेश दिया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है।
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