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दहेज हत्या में पति व ससुर को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:20 PM IST
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उम्रकैद की सजा
- फोटो : Judgement
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दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या करने के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 15 वर्ष बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी पति व ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्तों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना ठोंकते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के गाजनपुर गांव से जुड़ा है।
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गांव निवासी डॉ. जितेंद्रनाथ सिंह का जगदीशपुर कस्बे में नर्सिंग होम है। उनके पुत्र गरुणेश सिंह की शादी 10 जून 1997 को करौंदीकलां थाने के बहाउद्दीनपुर गांव निवासी रामजीत सिंह की पुत्री अर्चना सिंह के साथ हुई थी। घटना के समय रामजीत सिंह भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय ऊसर सुधार सत्यनगर रायबरेली में भूमि संरक्षण निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अर्चना के ससुरालीजनों ने 29 अक्तूबर 2000 को अर्चना को मार डाला था।
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पुलिस ने रामजीत सिंह की तहरीर पर आरोपी पति गरुणेश सिंह, ससुर डॉ. जितेंद्रनाथ सिंह, सास पुष्पा व ननद अनुपमा सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा मुसाफिरखाना कोतवाली में दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए सरकारी वकील गोरखनाथ शुक्ल व अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष ने भी अभियुक्तों को बेगुनाह साबित करने के लिए पांच गवाहों का साक्ष्य अदालत में दर्ज कराया था।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश जमाल मसूद अब्बासी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सोमवार को आरोपी पति गरुणेश सिंह व ससुर डॉ. जितेंद्रनाथ सिंह को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को उम्रकैद व प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित कर जेल भेजने का आदेश दिया। सह अभियुक्त सास पुष्पा व ननद अनुपमा का केस मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन है।