{"_id":"69e275d3c058932a8305b096","slug":"court-takes-strict-stance-against-police-issues-order-to-human-rights-commission-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-154361-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पुलिस पर सख्त कोर्ट, मानवाधिकार आयोग को भेजा आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पुलिस पर सख्त कोर्ट, मानवाधिकार आयोग को भेजा आदेश
Fri, 17 Apr 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। देसी शराब की दुकान में चोरी के मामले में पुलिस अभिरक्षा में आरोपियों की पिटाई और संदिग्ध कार्यशैली पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। एसीजेएम शुभम वर्मा की अदालत ने शुक्रवार को सामने आए आदेश में हलियापुर पुलिस पर गंभीर टिप्पणियां की हैं, इसके साथ ही मामले की कॉपी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली को भेजने का आदेश दिया है। इसके अलावा डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि प्रकरण की जांच किसी अन्य थाने या विवेचक से कराई जाए।
मामला गत 10 अप्रैल का है, जब अयोध्या जिले के खंडासा थाना क्षेत्र निवासी देसी शराब की दुकान संचालक कमलेश कुमार ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने करमराज, रामू और अमृतलाल को गिरफ्तार कर कुछ नकदी व सामान बरामद करने का दावा किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों को तीन दिन तक थाने में बैठाकर पिटाई की गई और फर्जी बरामदगी दिखाकर केस में फंसाया गया।
सिपाही विजेंद्र पाल सिंह पर मारपीट के आरोप लगाए गए। सुनवाई के दौरान अदालत ने हलियापुर थाने की सीसीटीवी फुटेज तलब की थी। आरोप है कि विवादित समय की फुटेज छिपाई गई। कोर्ट ने सीएमओ को आरोपियों का दोबारा मेडिकल कराने और डीएम को स्वतंत्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला गत 10 अप्रैल का है, जब अयोध्या जिले के खंडासा थाना क्षेत्र निवासी देसी शराब की दुकान संचालक कमलेश कुमार ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने करमराज, रामू और अमृतलाल को गिरफ्तार कर कुछ नकदी व सामान बरामद करने का दावा किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों को तीन दिन तक थाने में बैठाकर पिटाई की गई और फर्जी बरामदगी दिखाकर केस में फंसाया गया।
विज्ञापन
सिपाही विजेंद्र पाल सिंह पर मारपीट के आरोप लगाए गए। सुनवाई के दौरान अदालत ने हलियापुर थाने की सीसीटीवी फुटेज तलब की थी। आरोप है कि विवादित समय की फुटेज छिपाई गई। कोर्ट ने सीएमओ को आरोपियों का दोबारा मेडिकल कराने और डीएम को स्वतंत्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन