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अमेठी में सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की हवा निकली
Amarujala Bureau
Updated Mon, 11 Jul 2016 10:19 PM IST
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शहर में पौधरोपण अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजक्ट ‘ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी’ अमेठी में अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। महीनों की कोशिश, समीक्षा व डीएम की फटकार के बावूजद कई जगह पर मानकविहीन व सूखे पौधे लगा दिए गए। कई जगहों पर सिर्फ कागजों पर ही पौधरोपण की रिपोर्ट तैयार कर दी गई।
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आदेश के बावजूद जहां चयनित स्थलों से जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे, वहीं मनरेगा के जॉब कार्डधारकों के स्थान पर वन विभाग के चहेतों ठेकेदारों के श्रमिकों से पौधे लगवाकर योजना को पलीता लगाया गया।
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विश्व कीर्तिमान बनाने के चक्कर में ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी प्रोजेक्ट अमेठी में वन अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। शासन का आदेश मिलने के बाद सोमवार को जिले के 95 स्थलों पर आठ लाख 70 पौधे रोपित करने की तैयारी पूरी करने का दावा करने वाले विभाग की हकीकत अभियान के दौरान हवा-हवाई नजर आई। अभियान को लेकर अफसरों की लापरवाही का आलम यह रहा कि गौरीगंज रेंज के रमईपुर गांव में रोपित होने वाले दस हजार पौधों में से अधिकांश मानक विहीन व सूखे मिले।
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कई जगह पौधरोपण के लिए खोदे गए गड्ढे मानक विहीन रहे। कई जगह गड्ढे खोदे ही नहीं गए थे। इसके अलावा कई स्थानों पर मनरेगा के जॉबकार्ड धारक श्रमिकों की मौजूदगी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने ठेकेदार की ओर से लाए गए श्रमिकों से पौधरोपण का काम कराया। इतना ही नहीं सामान्य किस्म के पौधों के रोपण के लिए शासन की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद जिले में अधिकतर जंगली बबूल लगाए गए।