{"_id":"ea6de2691c037d474fb075d07119863c","slug":"budget-crisis-rocks-big-projects-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट के अभाव में रुकीं बड़ी परियोजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट के अभाव में रुकीं बड़ी परियोजनाएं
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:25 PM IST
विज्ञापन
दो वर्षों सेे सूबे के बजट से जिले को निराशा ही मिली है। बजट के अभाव में गोमती नदी के पापरघाट व धोपाप घाट के पुल का निर्माण अधूरा पड़ा है। धन के अभाव में रूटीन के सड़क, सिंचाई, बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
यहां तक कि समग्र लोहिया गांव के कार्य भी बजट के अभाव में अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। दो वर्षों से वर्ष 2017 तक ग्रामीण व शहरी क्षेत्र को 24 घंटे बिजली देने की सरकार की कोशिश को भी बजट के अभाव में झटका लगा है। जिले के लोगों को नए बजट से उम्मीदें हैं लेकिन मन में फिर खाली हाथ रह जाने की आशंका भी है।
विज्ञापन
लगातार दो वित्तीय वर्षों से सूबे के बजट से जिले को कोई खास तोहफा नहीं मिला था। सरकार ने जिले में रूटीन के तहत कराए जाने वाले सड़क, पुल, सिंचाई के संसाधनों, विद्यालयों की स्थापना के लिए ही सीमित बजट दिया था। रूटीन में कराए जाने वाले विकास कार्य भी बजट समय से नहीं मिलने से प्रभावित हुए हैं। सरकार की प्राथमिकता वाले कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
लोहिया गांव का कार्य भी प्रभावित
जिले में चालू वर्षं में 28 समग्र लोहिया गांव चयनित हुए हैं। इन गांवों में सीसी रोड, केसी ड्रेन, सड़क निर्माण के लिए पूरी धनराशि विभागों को नहीं मिल सकी है। विद्युतीकरण के लिए वितरण खंड को सामग्री नहीं मिल पाई है। समय से बजट नहीं मिलने से सरकार की प्रथम प्राथमिकता वाला कार्य प्रभावित है।
हलियापुर-बेलवाई मार्ग निर्माण नहीं हुआ शुरू
हलियापुर से बेलवाई तक करीब 99 किलोमीटर रोड का उच्चीकरण, चौड़ीकरण का कार्य करीब डेढ़ वर्ष पहले सूबे ने मंजूर किया था। रोड के लिए धनराशि मंजूर हो गई। अभी इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है।