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दावों के उलट दिख रही बैंकिंग कार्य प्रणाली
Amarujala Bureau
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:27 PM IST
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बैंकों में कैश नहीं, लोग परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों की व्यवस्था खाताधारकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। नोटबंदी के बाद कई बैंक शाखाओं में धन की जमा और निकासी के लिए चार काउंटर बनाए गए थे। व्यवस्था ढर्रे पर भी नहीं आई कि काउंटर कम कर दिए गए। इस समय अधिकतर बैंकों में दो काउंटर से काम चलाया जा रहा है। बैंक के खाताधारकों की सुविधा के लिए स्टाफ भी नहीं बढ़ाया गया है। धन की जमा और निकासी के लिए कतार मेें खड़े लोगों का समय बर्बाद हो रहा है।
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करेंसी चेस्ट का अभाव और बैंकों में व्याप्त अव्यवस्था खाताधारकों को भारी पड़ रही है। सरकार की ओर से बैंकों पर खाताधारकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था। शहर के बीओबी, इलाहाबाद, पीएनबी, केनरा, आईओबी, बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी, आईडीबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सिंडीकेट, विजया, देना बैंक समेत अन्य सरकारी व प्राइवेट बैंकों पर नोटबंदी के 21 दिन बीतने के बाद भी कार्य प्रणाली में सुधार होता नहीं दिख रहा है।
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इन शाखाओं पर सिफ दो या तीन काउंटरों का ही संचालन किया जा रहा है। इन काउंटरों पर महिलाओं व सीनियर सिटीजन के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बैंक शाखाओं में अन्य कार्यों के लिए भी खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कमोबेश जिले की सभी 196 बैंक शाखाओं का यही हाल है।
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