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फर्जी जमानतनामा दाखिल करने वालों पर दर्ज होगा मुकदमा
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सुल्तानपुर। मो. कासिफ हत्याकांड में अभियुक्त का फर्जी जमानतनामा दाखिल करने पर सीजेएम हरीश कुमार ने चार जमानतदारों समेत छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। सीजेएम ने यह आदेश मृतक के भाई की अर्जी पर दिया है। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया मोहल्ले से जुड़ा है।
शहर के करौंदिया मोहल्ला निवासी मंसूर अहमद ने मोहल्ले के ही फहीम, उसकी पत्नी साईमा बेगम, सौरमऊ निवासी विंध्य प्रसाद, कोतवाली देहात थाने के हरीपुर बनवा निवासी जगन्नाथ, लंभुआ कोतवाली के भदैंया निवासी कमलेश सिंह व देवरी निवासी राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
उनके अधिवक्ता जितेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि मंसूर अहमद के छोटे भाई मो. कासिफ की वर्ष 2015 में मोहल्ले के ही फहीम ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। मो. कासिफ की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी फहीम की ममेरी बहन के मकान के अंदर लाश गाड़ दी गई थी।
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पुलिस ने मंसूर अहमद की तहरीर पर फहीम समेत अन्य के खिलाफ अपहरण, हत्या व सबूत मिटाने के साथ ही साजिश रचने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया था। फहीम पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था।
आरोपी फहीम की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर होने के बाद एडीजे षष्टम की कोर्ट ने एक सितंबर 2016 को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार दाखिल करने पर उसे सत्यापन के लिए डीएम व एसपी के पास भेजने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद जमानतनामा सत्यापन के लिए डीएम व एसपी के पास नहीं भेजा गया था।
आरोपी फहीम की पत्नी साईमा बेगम ने फर्जीवाड़ा करते हुए पति की रिहाई के लिए पेशेवर फर्जी जमानतदारों का सहारा लिया था। आरोप है कि हत्या व गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में विंध्य प्रसाद, जगन्नाथ, कमलेश सिंह व राकेश कुमार सिंह के जमानतनामे को संबंधित विभागों से सत्यापन कराए बगैर फर्जी मुहर व अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में दाखिल करा दिया गया था।
इसी फर्जी जमानतनामे के सहारे आरोपी फहीम पांच सितंबर 2016 को जेल से छूट गया था। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जितेंद्रनाथ मिश्र ने कहा कि आरोपियों ने कोर्ट में फर्जी जमानतनामा दाखिल करके गंभीर अपराध किया है।
सीजेएम हरीश कुमार ने मामले में संज्ञेय अपराध किया जाना पाते हुए आरोपी फहीम, उसकी पत्नी साईमा बेगम और फर्जी जमानतदारों विंध्य प्रसाद, जगन्नाथ, कमलेश सिंह व राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश नगर कोतवाल को दिया है।
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शहर के करौंदिया मोहल्ला निवासी मंसूर अहमद ने मोहल्ले के ही फहीम, उसकी पत्नी साईमा बेगम, सौरमऊ निवासी विंध्य प्रसाद, कोतवाली देहात थाने के हरीपुर बनवा निवासी जगन्नाथ, लंभुआ कोतवाली के भदैंया निवासी कमलेश सिंह व देवरी निवासी राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी।
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उनके अधिवक्ता जितेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि मंसूर अहमद के छोटे भाई मो. कासिफ की वर्ष 2015 में मोहल्ले के ही फहीम ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। मो. कासिफ की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी फहीम की ममेरी बहन के मकान के अंदर लाश गाड़ दी गई थी।
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पुलिस ने मंसूर अहमद की तहरीर पर फहीम समेत अन्य के खिलाफ अपहरण, हत्या व सबूत मिटाने के साथ ही साजिश रचने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया था। फहीम पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था।
आरोपी फहीम की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर होने के बाद एडीजे षष्टम की कोर्ट ने एक सितंबर 2016 को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार दाखिल करने पर उसे सत्यापन के लिए डीएम व एसपी के पास भेजने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद जमानतनामा सत्यापन के लिए डीएम व एसपी के पास नहीं भेजा गया था।
आरोपी फहीम की पत्नी साईमा बेगम ने फर्जीवाड़ा करते हुए पति की रिहाई के लिए पेशेवर फर्जी जमानतदारों का सहारा लिया था। आरोप है कि हत्या व गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में विंध्य प्रसाद, जगन्नाथ, कमलेश सिंह व राकेश कुमार सिंह के जमानतनामे को संबंधित विभागों से सत्यापन कराए बगैर फर्जी मुहर व अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में दाखिल करा दिया गया था।
इसी फर्जी जमानतनामे के सहारे आरोपी फहीम पांच सितंबर 2016 को जेल से छूट गया था। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जितेंद्रनाथ मिश्र ने कहा कि आरोपियों ने कोर्ट में फर्जी जमानतनामा दाखिल करके गंभीर अपराध किया है।
सीजेएम हरीश कुमार ने मामले में संज्ञेय अपराध किया जाना पाते हुए आरोपी फहीम, उसकी पत्नी साईमा बेगम और फर्जी जमानतदारों विंध्य प्रसाद, जगन्नाथ, कमलेश सिंह व राकेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश नगर कोतवाल को दिया है।